ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश... स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक निवेश को मिलेगा बढ़ावा, यहां खुल रहीं ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाएं

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। इसी क्रम में गोरखपुर और रामपुर में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन से जुड़ी परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगी।

यूपी नेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह के अनुसार गोरखपुर में टोरेंट पॉवर द्वारा 0.5 मेगावाट क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना की उत्पादन क्षमता लगभग 9 किलोग्राम प्रति घंटा होगी। यह पायलट प्रोजेक्ट प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक के उपयोग और इसके व्यावसायिक विस्तार की संभावनाओं को परखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसी प्रकार रामपुर जिले में जीरो फ्रूटप्रिंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिसकी उत्पादन क्षमता लगभग 22.5 किलोग्राम प्रति घंटा होगी। इस परियोजना से क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगिक निवेश तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। प्रदेश में शुरू हो रही ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

क्या है ग्रीन हाइड्रोजन

• नवीकरणीय ऊर्जा से पानी की इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है

• उत्पादन के दौरान कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य

• परिवहन, इस्पात, रिफाइनरी और ऊर्जा भंडारण में उपयोगी

• भविष्य में स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा का महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है।

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