गैस की होम डिलीवरी व्यवस्था ध्वस्त: उपभोक्ता पस्त, सुबह से शाम तक एजेंसी पर लग रही लंबी लाइन
बाराबंकी, अमृत विचार। जिले में घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी और वितरण व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमराई हुई है। हालात यह हैं कि एक सप्ताह पहले बुकिंग कराने के बावजूद उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है और लोग सुबह से शाम तक गैस एजेंसियों के बाहर कतार में लगने को मजबूर हैं।
तेज धूप में खड़े उपभोक्ता एक सिलेंडर के लिए जूझते नजर आ रहे हैं और कई जगह हंगामे की नौबत भी आ रही है। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान पर हमले और बढ़ी उथल-पुथल का असर घरेलू व कॉमर्शियल गैस आपूर्ति पर पड़ा है। इसके बावजूद पूर्ति विभाग जिले में आपूर्ति व्यवस्था सुचारु होने का दावा कर रहा है।
हालांकि जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है, क्योंकि उपभोक्ताओं को एक सप्ताह पहले की बुकिंग के बाद भी होम डिलीवरी नहीं मिल रही और उन्हें सीधे एजेंसी बुलाया जा रहा है। एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को मोबाइल ओटीपी, परची कटाने और लंबी लाइन में लगने के बाद ही सिलेंडर मिल पा रहा है। करीब चार दिन से अधिक समय से गैस आपूर्ति में लगातार व्यवधान बना हुआ है।
इस संकट से न केवल घरेलू उपभोक्ता परेशान हैं, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट, चाट और फास्ट फूड का कारोबार करने वाले व्यापारी भी सिलेंडर के लिए भटक रहे हैं। वहीं पूर्ति विभाग स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए सब कुछ सामान्य होने का दावा कर रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं की परेशानी फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही है।
61 एजेंसियों पर आपूर्ति का जिम्मा
जिले में वर्तमान में 61 गैस सिलेंडर वितरण एजेंसियां हैं, जबकि लगभग 6 लाख 28 हजार उपभोक्ता सिलेंडर के लिए पंजीकृत हैं। इनमें से 3 लाख 26 हजार उज्जवला योजना के लाभार्थी हैं। प्रतिदिन करीब 13 हजार सिलेंडर की रिफिलिंग हो रही है, लेकिन एजेंसियां समय पर उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। इस वजह से प्रभावित उपभोक्ता सारा कामकाज छोड़कर एजेंसियों के बाहर लाइन में खड़े रहते हैं। तेज धूप में लंबे समय तक इंतजार करना आम बात बन गई है, जिससे बहस, हंगामा और गहमा-गहमी का माहौल भी बन जाता है। ऐसे में जिले में घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए भारी चुनौती बन गई है।
आपूर्ति व वितरण पर है नजर
इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी बताते हैं कि स्टाक की काेई कमी नही है और सभी एजेंसी संचालकों को बुलाकर सुचारु वितरण के निर्देश दिए गए हैं। आपूर्ति व वितरण पर नजर रखी जा रही है।
