बाराबंकी : चार बेटियों संग तिरपाल में जिंदगी गुजार रही विधवा मंजू, प्रशासन ने हर संभव मदद का दिया आश्वासन

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

एसडीएम के निर्देश पर पेंशन व आवास की प्रक्रिया शुरू

रामसनेहीघाट/बाराबंकी, अमृत विचार। बाराबंकी के नगर पंचायत रामसनेहीघाट के धरौली वार्ड नंबर-5 में रहने वाली एक विधवा महिला की दर्दनाक स्थिति ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पति की मौत के बाद मंजू नाम की महिला अपनी चार मासूम बेटियों के साथ तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर है और मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रही है।

जानकारी के अनुसार मंजू के पति स्व. सतनाम की करीब एक वर्ष पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पति के निधन के बाद परिवार का सहारा खत्म हो गया और चार छोटी-छोटी बेटियों की जिम्मेदारी अकेले मंजू के कंधों पर आ गई। ससुराल और मायके से कोई मदद न मिलने के कारण वह मजदूरी कर बेटियों का पेट भरने के लिए संघर्ष कर रही है। हालात इतने खराब हैं कि रहने के लिए पक्का घर तक नहीं है।

मंजू अपनी बेटियों के साथ तिरपाल के सहारे जीवन गुजार रही है। बरसात में पानी टपकता है, ठंड में कड़ाके की सर्दी और गर्मी में तपती धूप से जूझना पड़ता है। मामले की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी अनुराग सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया और विधवा महिला की पेंशन के लिए आवेदन कराए जाने के निर्देश दिए।

वहीं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी संतोष चौधरी ने मौके पर पहुंचकर महिला की स्थिति का जायजा लिया और आश्वासन दिया कि सरकारी योजना के तहत जल्द ही आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी तथा अन्य आवश्यक मदद भी दिलाई जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और समाज के सहयोग से इस परिवार को एक सुरक्षित छत और बेहतर जीवन मिल सकता है।

संबंधित समाचार