प्रयागराज : विवेचना में लापरवाही पर कोरांव थाने का दरोगा सुमित आनंद निलंबित, जानें क्या है पूरा मामला

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Published By Deepak Mishra
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गरीब किसानों की सब्जियां पुलिस जीप से रौंदने के मामले में पहले चर्चा में रहे दरोगा सुमित आनंद सिंह को एक बार फिर निलंबित कर दिया गया है। इस बार उन पर नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में लापरवाही बरतने और गलत विवेचना करने का आरोप है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवारको बताया कि कोरांव थाना क्षेत्र में चार मार्च को एक किशोरी पशुओं के लिए चारा काटने गई थी। 

आरोप है कि उसी दौरान एक युवक उसे सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर मारपीट कर उसके कपड़े भी फाड़ दिए। किसी तरह किशोरी वहां से बचकर घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों की तहरीर पर थाने में केवल मारपीट की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया और मामले की विवेचना दरोगा सुमित आनंद सिंह को सौंपी गई। 

उन्होंने नौ मार्च को मात्र चार दिन के भीतर विवेचना पूरी कर मारपीट समेत अन्य धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी, जबकि पीड़ित किशोरी का बयान ही दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित परिवार ने 10 मार्च को इस मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त विवेक चंद्र यादव से की। शिकायत में कहा गया कि मामले में छेड़छाड़ से संबंधित उचित धाराएं नहीं लगाई गईं। 

इसके बाद प्रारंभिक जांच सहायक पुलिस उपायुक्त मेजा संत प्रसाद उपाध्याय को सौंपी गई। जांच में विवेचना में लापरवाही की बात सामने आने पर दरोगा को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए। साथ ही किशोरी का बयान दर्ज कर मामले की दोबारा गहन जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। 

गौरतलब है कि 2015 बैच के दरोगा सुमित आनंद सिंह इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। जून 2020 में घूरपुर बाजार में कोविड काल के दौरान गरीब किसानों की सब्जियां सरकारी जीप से रौंदने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित किया गया था। इस मामले का संज्ञान योगी आदित्यनाथ ने लिया था, जिसके बाद तत्कालीन एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने उन्हें निलंबित कर दिया था।

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