Moradabad: एसएनसीयू में भर्ती नवजात की माताओं को भोजन के लिए मिलेंगे 150 रुपये

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Published By Monis Khan
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विनोद श्रीवास्तव, मुरादाबाद। अतिकुपोषित और गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी देखरेख के लिए रुकने वाली माताओं के भोजन के लिए सरकार ने अच्छी पहल की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत अब एसएनसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) में भर्ती होने वाले बच्चों की माताओं को देखभाल करने के दौरान वहां रुकने पर भोजन के लिए प्रतिदिन 150 रुपया दिया जाएगा।

यह पहल पहली बार की गई है। वहीं अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती रहने के दौरान उनकी माताओं को भी अब पहले से अधिक धनराशि डाइट के लिए मिलेगी। इससे शिशु स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के साथ ही माताओं को भी अपने स्तर से पेट भरने का प्रबंध नहीं करना पड़ेगा।

जिले में जिला महिला अस्पताल के अलावा बिलारी सीएचसी में एसएनसीयू संचालित हैं। जिसमें नवजात शिशु को जन्म लेते ही गंभीर स्थिति में भर्ती किया जाता है। सरकार की ओर से एसएनसीयू में भर्ती ऐसे बच्चों की माताएं या अटेंडेंट के लिए पहली बार भोजन के लिए प्रतिदिन 150 रुपये बजट स्वीकृत किया गया है जो बच्चे बाहर जन्म लिए हों। उसी अस्पताल में जन्म लेने पर यह सुविधा अनुमन्य नहीं है।

जिले में संचालित दोनों एसएनसीयू में डाइट के लिए मिलने वाली राशि की यह व्यवस्था लागू होगी। इसके अलावा पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती अतिकुपोषित बच्चों की देखभाल करने वाली अटेंडेंट को डाइट के लिए जहां पहले प्रतिदिन 50 रुपये मिलता था वहीं अब इस धनराशि को बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत इसके लिए जिलों को बजट जारी कर धनराशि स्वीकृत कर दी गई है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत एसएनसीयू में भर्ती नवजात की देखभाल करने वाली माताओं को पहली बार डाइट के लिए 150 रुपये स्वीकृत हुआ है। वहीं एनआरसी में भर्ती अतिकुपोषित बच्चों के लिए अस्पताल में मौजूद मां या अन्य अटेंडेंट को डाइट के लिए मिलने वाली धनराशि 50 रुपये से बढ़कर प्रतिदिन के हिसाब से 100 रुपये हो गई है। - रघुवीर सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन

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