स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मुआवजे का हक, रीचार्ज के बाद भी न जुड़े कनेक्शन पर उपभोक्ता परिषद ने कार्रवाई की मांग की
लखनऊ, अमृत विचार: राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने उन स्मार्ट मीटर कनेक्शन धारकों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है, जिनके कनेक्शन रीचार्ज के बावजूद सक्रिय नहीं हो पाए। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि नियम के अनुसार, कनेक्शन न जुड़ने पर प्रतिदिन 50 रुपये के हिसाब से मुआवजा दिया जाना चाहिए। परिषद अध्यक्ष ने बताया कि स्मार्ट मीटरिंग लागू होने के बाद बकायेदारों के कनेक्शन स्वतः कट गए थे। तमाम उपभोक्ताओं ने तुरंत बिल जमा कर दिया, फिर भी उनके कनेक्शन जुड़ नहीं पाए।
उन्होंने कहा कि ऐसे सभी उपभोक्ता मुआवजे के हकदार हैं। विद्युत नियमों में कनेक्शन जोड़ने की अधिकतम समयसीमा दो घंटे निर्धारित है, लेकिन यह व्यवस्था पूरी नहीं हुई। पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल और केस्को क्षेत्रों में 14 मार्च को शाम 5:30 तक 1,13,862 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस की वजह से कट गए।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 16,263 मामलों में रीचार्ज के बाद कनेक्शन जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन 2,909 उपभोक्ताओं का कनेक्शन अब भी सक्रिय नहीं हो सका। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने संबंधित अधिकारियों से कनेक्शन खुद न जुड़ पाने के कारणों की जांच कर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
