पश्चिम एशिया संघर्ष : ट्रंप ने 7 देशों से की बात, रणनीतिक समुद्री गलियारे में जहाजों की सुरक्षा सहायता के लिए मांगी मदद
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने में मदद के लिए सात देशों से बातचीत कर रहा है और खाड़ी के तेल पर निर्भर देशों से इस संकरे लेकिन रणनीतिक समुद्री गलियारे में जहाजों की सुरक्षा में सहायता करने का आग्रह किया है।
एयर फ़ोर्स वन में रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि संकरे जलमार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा में मदद के लिए कई सरकारों से संपर्क किया गया है। हालांकि उन्होंने देशों के नाम नहीं बताए।
विश्लेषकों का मानना है कि यूरोपीय शक्तियां फ्रांस और ग्रेट ब्रिटेन उन देशों में शामिल हैं जिन्हें इसमें सहयोग करने के लिए कहा गया है। ट्रम्प ने कहा कि मैं मांग करता हूं कि ये देश आगे आएं और अपने क्षेत्र की रक्षा करें क्योंकि यह उनका क्षेत्र है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें सहयोग करना चाहिए क्योंकि वे इस क्षेत्र से अपनी ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि संपर्क किए गए कई देश जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए नौसैनिक पोत तैनात करेंगे जो कि एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है जिससे होकर दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति गुजरती है। ट्रम्प ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बारे में भी बात की जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरान के साथ बातचीत में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
उन्होंने कहा, "वे बातचीत करने के लिए बेताब हैं और उन्हें ऐसा करना भी चाहिए लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे वह करने के लिए तैयार हैं जो उन्हें करना होगा। हम काम पूरा करेंगे।" एक तरफ अमेरिका और इजरायल तथा दूसरी तरफ ईरान के बीच युद्ध फरवरी के अंत में शुरू होने के बाद से तेज़ी से बढ़ गया है।
इसके परिणामस्वरूप होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों का आवागमन बाधित हो गया है और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता उत्पन्न हो गई है। ईरान ने ड्रोन, बारूदी सुरंगों आदि का उपयोग करके इस मार्ग से तेल शिपमेंट को अवरुद्ध किया है।
