Uttrakhand: उफ महंगाई ! गैस के बाद तेल-सब्जियों ने चिंता बढ़ाई, भोजन की थाली भी महंगी
हल्द्वानी, अमृत विचार। घरेलू एलपीजी के बढ़ते संकट के साथ ही खाद्य सामग्रियों और सब्जियों की बढ़ती कीमतों से आम जनता पर दोहरी मार पड़ी है। खाने के तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है। जिसका सीधा असर घर की रसोई पर पड़ा है। अधिकांश सब्जियों की कीमतें पहले से बढ़ी हुई हैं, जिनमें किसी तरह की गिरावट नहीं आई है। जबकि कई सब्जियों के दाम और बढ़े हैं।
कुछ दिनों पूर्व टमाटर का थोक रेट 8 से 10 रुपए प्रति किलो था, जो अब बढ़कर 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसी तरह आलू और प्याज की कीमतें भी बढ़ी हैं। लौकी, फूलगोभी, भिंडी जैसी आम सब्जियों की कीमतें भी कम नहीं हुई हैं। इस तरह महंगाई बढ़ने से आम आदमी की भोजन की थाली महंगी हो गई है। हैरानी की बात है कि कई जरूरी खाद्य सामग्रियों और सब्जियों के थोक भाव स्थिर होने के बाद भी लोग रिटेल में बढ़ी कीमतों पर सामान खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय थोक और खुदरा बाजार में इन दिनों खाद्य सामग्रियों के दाम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
मंडी व्यापारियों के अनुसार आटा का थोक भाव घटकर 1300 से 1450 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि पहले यह 1400 से 1550 रुपये तक था। इसी तरह चावल का भाव भी 4400 से 4600 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है, जो पहले 4600 से 4800 रुपये था। रिफाइंड तेल (फॉर्च्यून) का थोक भाव बढ़कर 2000 से 2200 रुपये हो चुका है, जबकि स्कूटर सरसों तेल 2350 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। दालों की बात करें तो अरहर दाल का थोक भाव 95 से 115 रुपये प्रति किलो है। उड़द और राजमा करीब 110 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं, जबकि मूंग दाल 98 से 100 रुपये प्रति किलो के बीच है। चना दाल 66 रुपये और काला चना 65 से 66 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। काबुली चना का थोक भाव घटकर 100 से 110 रुपये प्रति किलो हो गया है।
