Uttrakhand: जान देने को थी मां स्तब्ध हो गई बच्ची, दृश्य देख ठिठके सभी

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

हल्द्वानी, अमृत विचार। दिल को झकझोर देने वाला यह दृश्य देखकर राहगीरों के कदम ठिठक गए, वाहन सवार भी जहां के तहां थम गए। शाम के चार बज रहे होंगे। लगभग 35 वर्षीय एक महिला शहर के गौला पुल से नीचे नदी में कूद कर आत्महत्या करने को प्रयासरत थी। उसकी आंखों में झर-झर आंसू थे। पास खड़ी उसकी छह साल की बच्ची मानो मूर्ति बन गई हो। उस बच्ची को नहीं समझ में आ रहा था कि क्या हो रहा है? वह क्या करे? कैसे करे?

तभी एक युवक ने हौसला दिखाया और उस महिला को पकड़कर पीछे खींचने लगा। अन्य भी उसके साथ आ गए। राहगीरों ने एकजुट होकर एक मासूम बच्ची की मां को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया। चंद सेकेंड की चूक में अनहोनी हो जाती। दरअसल, सलवार सूट पहने वह महिला पुल के बॉर्डर पर लगी रेलिंग को एक पैर से पार कर चुकी थी, दूसरा पैर उस पार करती कि उसका कपड़ा फंस गया। इसी बीच युवक ने उसे पकड़ा और बचाया। इसके बाद महिला और उसकी बेटी को पुलिस को सौंप दिया गया।

पेशे से पत्रकार गौलापार निवासी भूपेश कन्नौजिया ने बताया कि अपरान्ह करीब चार बजे वह स्कूटी से अपने घर से आ रहे थे और गौलापुल से गुजर रहे थे। देखा कि एक महिला गौलापुल से नीचे को लटक रही है और पास में एक बच्ची खड़ी है। भूपेश तुरंत ही समझ गए कि कोई अनहोनी होने वाली है। स्कूटी को रोककर वह तुरंत ही उतरे और किसी तरह से महिला को बचाने के लिए पीछे की ओर खींचा लेकिन महिला आत्महत्या करने पर उतारू थी। इतने में अन्य लोगों ने भी देखा तो उन्हें माजरा समझते हुए देर नहीं हुई। दो से तीन और पहुंच गए और किसी तरह महिला को पूरी तरह से पीछे की ओर घसीट लिया।

भूपेश ने तुरंत ही पुलिस को फोन किया। तुरंत ही पुलिस मौके पर पहुंची। महिला (राजपुरा निवासी) की बेटी ने रोते हुए बताया कि उसकी मां परेशान रहती है। पुलिस महिला और उसकी बेटी को लेकर तुरंत ही वहां से चली गई। फिलहाल भूपेश व अन्य लोगों की सूझबूझ से एक महिला की जान बच गई।

संबंधित समाचार