यूपी बोर्ड का बड़ा फैसला: कक्षा 9 से 12 तक NCERT किताबें सिर्फ 393-458 रुपये में, महंगी निजी किताबों पर लगेगी रोक
सरकार ने 70 एनसीईआरटी और 12 भाषा पुस्तकों को किया लागू
लखनऊ, अमृत विचार : उप्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी की 70 पाठ्यपुस्तकों और हिंदी, संस्कृत व उर्दू की 12 पुस्तकों को सस्ते दरों पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। ये पुस्तकें प्रदेश के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में लागू होंगी।
एनसीईआरटी की किताबें विशेषज्ञ शिक्षाविदों द्वारा तैयार की जाती हैं और अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न भी इन्हीं पर आधारित होते हैं। इससे छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और स्वयं सीखने की क्षमता विकसित होती है। इन पुस्तकों के मुद्रण व वितरण के लिए प्रदेश में केवल तीन एजेंसियों को मुद्रक व प्रकाशक अधिकृत किया गया है।
प्रेस क्लब में सोमवार को अधिकृत मुद्रक सिंघल एजेंसीज,लखनऊ के अभिनव अग्रवाल बताया कि परिषद के निर्देशानुसार अधिकृत पुस्तकों के अलावा किसी अन्य किताब से पढ़ाई नहीं कराई जाएगी, ताकि छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। इसके लिए प्रदेश में शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र में ब्लाक स्तर तक पुस्तकें उपलब्ध करायी जाएंगी। पीतांबरा बुक्स प्रा.लि. झांसी के सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक के पुस्तक सेट की कीमत 393 रुपये से 458 रुपये के बीच रखी गई है, जो निजी प्रकाशकों की किताबों से लगभग एक-तिहाई है। इतना ही नहीं, पुस्तकों के कम मूल्य होने के बावजूद अधिकृत मुद्रकों द्वारा खुले बाजार में थोक विक्रेताओं का एमआरपी पर 20 प्रतिशत की छूट जा रही है।
पायनियर प्रिंटर्स, आगरा के रुचिर बंसल ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की कक्षा 11 एवं 12 के लिए 36 विषयों की 70 पुस्तकों की और कक्षा 9 से 12 तक परिषद द्वारा हिन्दी, संस्कृत एवं उर्दू विषयों की 12 पाठ्यपुस्तकों की सूची मूल्य समेत उपलब्ध करा दी गयी है।
