उत्तर प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की हालत बदहाल: गंदगी, डॉक्टरों की गैरहाजिरी और सुविधाओं की कमी से मरीज परेशान

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सीएचसी चिनहट का किया था औचक निरीक्षण

लखनऊ/माल, अमृत विचार: उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को सीएचसी चिनहट का औचक निरीक्षण किया था। जहां गंदगी देख वे भड़क गए थे। एजेंसी का सात दिन का भुगतन रोक दिया है। इसके आलावा मरीज के पंजीकरण से लेकर चिकित्सक को दिखाने, जांच के लिए नमूना लेने और औषधि वितरण में देरी होने पर भी नराजगी जताई थी। जल्द सुधार के निर्देश दिए थे। लेकिन अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भी कुछ ऐसे ही हालत हैं। जिन पर भी ध्यान देने की जरूरत है। मरीज को रोजान दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

MUSKAN DIXIT (39)

माल सीएचसी में मंगलवार को हालात बदतर नजर आए। मुख्य गेट के पास ही गंदगी का अंबार लगा था, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ी। दोपहर 12:46 बजे बाल रोग विशेषज्ञ अपने कक्ष में मौजूद नहीं थे और बाहर मरीज उनके इंतजार में खड़े रहे। एक अन्य कक्ष में भी डॉक्टर अनुपस्थित मिले, हालांकि डॉ. आमिर मरीजों का इलाज करते दिखाई दिए।

MUSKAN DIXIT (40)

पंजीकरण और औषधि वितरण कक्ष के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं, तीमारदारों के लिए लगाया गया वाटरकूलर खराब पड़ा था और वार्ड के कई बेड बिना चादर के नजर आए। अस्पताल की एक्सरे मशीन खराब है। अल्ट्रासाउंड के लिए डॉक्टर नहीं हैं।

MUSKAN DIXIT (41)

इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. जेपी सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि संबंधित डॉक्टर को शेड्यूल बनाने के लिए बुलाया गया था, जिस कारण वह कुछ देर के लिए कक्ष में मौजूद नहीं थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वार्ड में जिस बेड पर मरीज होता है, उसी पर चादर लगाई जाती है और पेयजल व साफ-सफाई की कोई समस्या नहीं है।

MUSKAN DIXIT (42)

गंदगी, अव्यवस्था और खराब सुविधाओं से जूझ रहे मरीज, लंबी कतारों ने बढ़ाई परेशानी

गोसाईगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जहां वार्ड से निकलने वाला सामान्य और बायो मेडिकल कचरा खुले में फेंका जा रहा है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।

MUSKAN DIXIT (43)

मंगलवार दोपहर पंजीकरण काउंटर और औषधि वितरण काउंटर पर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। अस्पताल परिसर में करीब आधा दर्जन एम्बुलेंस कबाड़ की हालत में खड़ी हैं, जिनमें कूड़ा भरा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के दौरान इन एम्बुलेंस में जलभराव भी हो जाता है।

MUSKAN DIXIT (44)

अस्पताल के शौचालयों में भी भारी गंदगी पाई गई। पुरुष वार्ड में महिला मरीजों को भर्ती किया गया था। ओपीडी में मरीजों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई महिलाएं फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करती नजर आईं।

MUSKAN DIXIT (45)

वार्डों में बेड पर गंदी चादरें बिछी थीं, जबकि कई बेड बिना चादर के ही पड़े थे। अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने के चलते संबंधित कक्ष पर ताला लटका मिला। वहीं, वाटर कूलर से लगातार पानी बहने की शिकायत भी सामने आई।

इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों ने आरोप लगाया कि उन्हें एक घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।

MUSKAN DIXIT (46)
हालांकि, सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुरेश पांडे ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए शासन को पत्र भेजा गया है और अस्पताल में नियमित साफ-सफाई कराई जाती है। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही। ।

संबंधित समाचार