कानपुर : गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए तीन ठिकानों पर एक साथ छापा, 38 सिलेंडर बरामद
कानपुर, अमृत विचार। कानपुर में गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए तीन ठिकानों पर टीमों ने एक साथ छापा मारा और बड़ी संख्या में छोटे व बड़े गैस सिलेंडर, पेट्रोमैक्स रिफिलिंग का सामान बरामद हुआ। सबसे ज्यादा लाल बंगला मंडी में गैस का खेल बेनकाब हुआ है। लालबंगला स्थित न्यू सब्जी मंडी क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल और रिफिलिंग के खेल का गुरुवार को पर्दाफाश हो गया।
मुखबिर की सटीक सूचना पर अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) राजेश कुमार और जिला पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। एक साथ तीन ठिकानों पर छापा मारते हुए 38 गैस सिलेंडर और चार पेट्रोमैक्स बरामद किए। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि कार्रवाई के दौरान अर्जेंट रिपेयरिंग सेंटर से चार घरेलू सिलेंडर और पेट्रोमैक्स रिफिलिंग का सामान मिला।
न्यू स्वीटी किचन सेंटर से दस छोटे कॉमर्शियल सिलेंडर, सात घरेलू सिलेंडर, रिफिलिंग उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन बरामद की गई। वहीं स्वाति किचन सेंटर से 13 घरेलू और चार कॉमर्शियल सिलेंडर कब्जे में लिए गए। कुल 24 घरेलू, 10 छोटे कॉमर्शियल और चार बड़े कॉमर्शियल सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग और अवैध रिफिलिंग सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई के बाद तीनों आरोपितों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि जनपद में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने आमजन से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से सिलेंडर की बुकिंग न करें। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध गैस कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे नेटवर्क को जड़ से समाप्त किया जाएगा।
गैस सिलेंडर के ट्रक में सिलेंडर कम आ रहे
गैस एजेंसी पर आने वाले ट्रक में सिलेंडर कम आ रहे हैं, ऐसा आरोप उपभोक्ता लगा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब एजेंसी के पास ट्रक आता है तो उसमें आधा ट्रक ही सिलेंडर होते हैं। हालांकि गैस एजेंसियां इस बात को मानने को तैयार नहीं है लेकिन फिर भी उपभोक्ताओं के आरोप को ध्यान में रखते हुए जांच करने की जरुरत है।
स्टाक में सिलेंडर रखना चाहते लोग
दरअसल गैस की किल्लत की पैनिक के पीछे एक कारण ये भी है कि स्टाक में लोग सिलेंडर रखना चाहते हैं ताकि दिक्कत नहीं आये। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शहर की सभी गैस एजेंसियों को चेक करने के निर्देश दिये हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों लाखों की संख्या में लोगों ने सिलेंडर बुक कराये हैं। वहीं दूसरी ओर सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले अपना खेल कर रहे हैं। कामर्शियल सिलेंडर अभी भी ब्लैक से 2500 से 3000 रुपये, घरेलू सिलेंडर 1800 रुपये तक मिल रहा है।
