बागपत को जयंत चौधरी ने दी बड़ी सौगात : AI आधारित अपैरल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का किया उद्घाटन

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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बागपत। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयन्त चौधरी ने गुरुवार को बागपत में चौधरी अजीत सिंह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) फॉर डिजाइन एंड फैशन टेक्नोलॉजी का उद्घाटन किया। इस एआई आधारित केंद्र के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस केंद्र की स्थापना अपैरल मेड अप्स एंड होम फर्निशिंग स्किल काउंसिल (एएमएचएसएससी) द्वारा की गई है। उद्घाटन अवसर पर मंत्रालय और परिषद के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। श्री चौधरी ने कहा कि यह केंद्र कौशल विकास को नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर मिलेंगे।

उन्होंने बताया कि अपैरल क्षेत्र देश में बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने वाला सेक्टर है और इस तरह के केंद्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नए रास्ते खोलेंगे। एएमएचएसएससी के चेयरमैन पद्मश्री डॉ. ए. सक्थिवेल ने कहा कि यह केंद्र युवाओं को भविष्य के फैशन और अपैरल उद्योग के लिए तैयार करेगा, जहां एआई आधारित प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कुशल कार्यबल विकसित किया जाएगा।

करीब 9,000 वर्ग फुट क्षेत्र में स्थापित इस केंद्र पर लगभग पांच करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। यहां तीन स्मार्ट क्लासरूम, 43 आधुनिक सिलाई मशीनें (जिनमें आठ एआई आधारित), सीएडी-सीएएम सिस्टम, 3डी डिजाइन सॉफ्टवेयर, डिजिटल वर्कस्टेशन तथा कंप्यूटरीकृत एंब्रॉयडरी यूनिट की सुविधा उपलब्ध है। केंद्र में आठ प्रकार के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनमें सिलाई मशीन ऑपरेटर, फैशन डिजाइनिंग और एआई आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं।

एआई आधारित सिलाई मशीनें कपड़े की प्रकृति के अनुसार स्वतः सेटिंग समायोजित कर कार्य को तेज और त्रुटिरहित बनाती हैं। एएमएचएसएससी के सीईओ आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि यह केंद्र विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण में सहायक होगा। इससे उन्हें कौशल के साथ आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त होगी तथा वे रोजगार के साथ उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगी। उन्होंने बताया कि यह पहल न केवल युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करेगी, बल्कि ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ एमएसएमई क्षेत्र को नई तकनीक अपनाने में भी सहायक सिद्ध होगी। 

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