सरकारी भुगतान में बड़ा बदलाव: साइबर ट्रेजरी से आरबीआई तक डिजिटल ट्रैकिंग, पारदर्शिता बढ़ेगी, देरी-गड़बड़ी पर लगेगा अंकुश
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में विकास योजनाओं के भुगतान को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। वित्त विभाग की ओर से जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि अब केंद्र प्रायोजित योजनाओं से जुड़े सभी भुगतान साइबर ट्रेजरी, पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) और भारतीय रिजर्व बैंक के जरिए चरणबद्ध तरीके से होंगे।
वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत विभागों के बिल पहले साइबर ट्रेजरी में प्रस्तुत कर पास किए जाएंगे। इसके बाद ई-क्लेम फाइल बनाकर पीएफएमएस को भेजा जाएगा। वहां से फाइल संबंधित मंत्रालय के प्रोग्राम डिवीजन को जाएगी, जहां दैनिक स्वीकृति जारी होगी। स्वीकृति के बाद भारतीय रिजर्व बैंक, नई दिल्ली के माध्यम से धनराशि संबंधित योजना खाते में ट्रांसफर की जाएगी और खाते में धन आने के बाद ही अंतिम भुगतान संभव होगा।
अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि इस प्रक्रिया का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। शासन का मानना है कि इससे भुगतान प्रणाली पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और ट्रैकिंग योग्य बनेगी, जिससे अनियमितताओं और देरी पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। साथ ही, यह व्यवस्था योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जवाबदेही तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
