मानवता के लिए समर्पित चिकित्सा ही जीवन का पुनर्निर्माण : आनंदी बेन पटेल

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Published By Deepak Mishra
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मथुरा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को कहा कि जब चिकित्सा विज्ञान मानवता के कल्याण के लिए समर्पित होता है, तब वह जीवन के पुनर्निर्माण का माध्यम बन जाता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज यहां रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम चैरिटेबल अस्पताल, वृंदावन धाम के नवनिर्मित ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का उद्घाटन किया और इस मौके पर राज्यपाल पटेल भी मौजूद थीं।

लोक भवन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक इस अवसर पर आनंदीबेन पटेल ने वृंदावन की पावन धरा को सेवा एवं करुणा की भूमि बताते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के आदर्श को रामकृष्ण मिशन पिछले 118 वर्षों से साकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक छोटे सेवा केंद्र से 400 बिस्तरों की सुविधा वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तक की यात्रा सेवा के विराट स्वरूप का उत्कर्ष है।

राज्यपाल ने कहा, "जब चिकित्सा विज्ञान मानवता के कल्याण हेतु समर्पित होता है, तब वह जीवन के पुनर्निर्माण का माध्यम बन जाता है।" उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह ऑन्कोलॉजी ब्लॉक असंख्य मरीजों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। पटेल ने इस कार्य में संलग्न संन्यासियों, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्य कर्मियों तथा दानदाताओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति उसके नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन सुरक्षा से आंकी जाती है, इसलिए स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है।

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को समग्र विकास का मूल आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत बजट में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, सीटों के विस्तार तथा पूंजी निवेश के साथ-साथ आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित किए गए हैं।

राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि अस्पताल केवल उपचार का केंद्र न रहकर मानवीय संवेदनाओं के तीर्थस्थल बनें, जहां रोग के साथ-साथ भय और असुरक्षा से भी मुक्ति मिल सके। उन्होंने सभी से ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया, जहां स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार हों और सेवा, करुणा एवं मानवता प्रत्येक कार्य का आधार बने। 

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