बरेली : धोपेश्वरनाथ मंदिर में संस्कृति कर्मियों को मिलेगा मंच

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Published By Pradeep Kumar
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कैंट बोर्ड एसटीपी निर्माण पर 100 करोड़ और ओपेन थियेटर बनाने में खर्च करेगा 10 करोड़

दिग्विजय मिश्रा बरेली, अमृत विचार। छावनी परिषद क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 110 करोड़ रुपये की बड़ी विकास योजना को हरी झंडी दी गई है। इस योजना के तहत जहां 100 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कराया जाएगा। वहीं 10 करोड़ रुपये से धोपेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में ओपन थिएटर तैयार किया जाएगा। इससे संस्कृति कर्मियों को मंच मिलेगा और टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। यह फैसला कैंटोमेंट बोर्ड की बैठक में लिया गया।

कैंटोनमेंट बोर्ड की बैठक बुधवार को परिसर में संपन्न हुई। जहां कैंट क्षेत्र में लंबे समय से सीवरेज और जल निकासी की समस्या बनी होने की बात सामने आई। अधिकारियों और नामित सदस्यों ने बताया कि बारिश के दौरान हालात और भी खराब हो जाते हैं। स्थानीय निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रस्तावित एसटीपी प्लांट इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। प्लांट के निर्माण से गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाएगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। इसी बैठक में दो बाजारों के नाम भी बदले गए थे। इसमें रॉयल आर्टिलरी का नाम बदलकर विरासत परिसर और बीआई बाजार का नाम बदलकर शौर्य बाजार कर दिया गया था। इतना ही नहीं छावनी परिसर के अंदर बने श्मशान स्थल का नाम पंचतत्व मोक्ष धाम कर दिया गया है।

ओपन थिएटर धार्मिक पर्यटन को देगा नई पहचान
धोपेश्वर नाथ महादेव मंदिर में बनने वाले ओपन थिएटर पर 10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह स्थान पहले से ही श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र माना जाता है और अब यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और स्थानीय कला प्रदर्शन के लिए आधुनिक मंच भी उपलब्ध होगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने को मंच मिलेगा।

ऐलान के बाद दोनों परियोजनाओं के धरातल पर आने का इंतजार
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध योजना, पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। अक्सर देखा गया है कि बड़ी घोषणाएं तो हो जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम की गति धीमी पड़ जाती है। ऐसे में स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि यह योजना कितनी तेजी और ईमानदारी से धरातल पर उतरती है। निर्धारित समय में इन परियोजनाओं को पूरा कर लिया जाता है तो कैंट क्षेत्र न केवल साफ-सुथरे और व्यवस्थित शहर के रूप में उभरेगा, बल्कि पर्यटन के नक्शे पर भी अपनी अलग पहचान बना सकेगा।

कैंट क्षेत्र के विकास के लिए 110 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इसमें 100 करोड़ रुपये से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। वहीं, 10 करोड़ रुपये से धोपेश्वर नाथ महादेव मंदिर में ओपन थिएटर का निर्माण कराया जाएगा, जिससे धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। -डॉ. तनु जैन, मुख्य अधिशासी अधिकारी।

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