गोवंश संरक्षण पर योगी सरकार सख्त : निगरानी के लिए सभी मंडलों में तैनात किए गए नोडल अधिकारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने निराश्रित गोवंश की देखभाल को लेकर व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने सभी 18 मंडलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए उन्हें गौशालाओं की निगरानी और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है।
रविवार को अपने आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक में धर्मपाल सिंह ने कहा कि 30 मार्च तक भूसा और साइलेज की टेंडर प्रक्रिया हर हाल में पूरी की जाए, ताकि आने वाले समय में चारे की कमी न हो। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं गोरखपुर और वाराणसी मंडलों का निरीक्षण करेंगे, जबकि अन्य मंडलों की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी गो-आश्रय स्थलों पर भूसा बैंक की व्यवस्था विकसित की जाए, जिसमें कम से कम दो महीने का चारा सुरक्षित रखा जाए। साथ ही गौशालाओं में रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित और अद्यतन करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में यह भी तय किया गया कि गोवंश के लिए भूसा, हरा चारा, चोकर, स्वच्छ पानी, बिजली और दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी गौशाला में कोई पशु भूखा या प्यासा न रहे। गर्मी के मौसम को देखते हुए पशुओं को लू और तेज धूप से बचाने के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा गया है।
बैठक में हरे चारे की निरंतर आपूर्ति के लिए स्थानीय किसानों से समझौते करने और समाज के सहयोग को भी बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही सरकार ने गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर वहां चारा उत्पादन बढ़ाने की योजना पर भी तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं।
गोवंश आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने भरोसा दिलाया कि सभी निर्देशों का पालन करते हुए गोशालाओं में सालभर चारे और देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
