लखनऊ : दीक्षांत परेड में 119 प्रशिक्षुओं ने ली जिम्मेदारी की शपथ, कारागार मंत्री ने दी कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की सीख

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ में रविवार को आयोजित दीक्षांत परेड समारोह में 119 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण कर नई जिम्मेदारियों की ओर कदम बढ़ाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने प्रशिक्षुओं को अनुशासन, मानवता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की सीख दी। 

121वें सत्र के प्रशिक्षु डिप्टी जेलर एवं 178वें सत्र के जेल वार्डरों की इस पासिंग आउट परेड में कुल 4 अधिकारी संवर्ग (उत्तर प्रदेश) और 115 जेल वार्डर शामिल रहे। इनमें 74 प्रशिक्षु उत्तर प्रदेश और 41 उत्तराखण्ड से थे। समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया।

अधिकारी संवर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी का पुरस्कार शशिकांत (डिप्टी जेलर, उत्तर प्रदेश) को मिला, जबकि जेल वार्डर संवर्ग में सुश्री कविता जलाल (टिहरी गढ़वाल, उत्तराखण्ड) को यह सम्मान प्रदान किया गया। अपने संबोधन में मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि यह परेड केवल प्रशिक्षण का समापन नहीं, बल्कि सेवा जीवन की शुरुआत है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कारागार विभाग की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कैदियों के सुधार और पुनर्वास में भी इसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में सभी कर्मियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। कार्यक्रम में महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना ने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि 1940 में स्थापित यह एशिया का पहला जेल प्रशिक्षण संस्थान है।

यहां अब तक हजारों अधिकारियों और वार्डरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस अवसर पर राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौते के तहत प्रशिक्षुओं को करेक्शनल सर्विसेज में स्नातकोत्तर डिप्लोमा और प्रमाणपत्र दिए जाने की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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