यूपी में निवेश को लगेंगे पंख : मुख्यमंत्री योगी मंगलवार कोकरेंगे एआई-आधारित 'निवेश मित्र 3.0' की शुरुआत
लखनऊ। निवेश परियोजनाओं को रफ्तार देने और उत्तर प्रदेश को 1000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की मुहिम के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार (24 मार्च) को उन्नत सिंगल विंडो पोर्टल 'निवेश मित्र 3.0' की शुरुआत करेंगे। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री 'यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम–2025 ' (पीपीपी) मॉडल पर आधारित अभिनव 'प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स योजना' का अनावरण किया जाएगा, जो निवेशकों को तत्काल उत्पादन शुरू करने में मदद करेगा।
बयान के अनुसार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री 85 निवेशकों को आश्वासन पत्र (एलओसी), अर्हता प्रमाणपत्र, सब्सिडी और भूमि आवंटन पत्र भी वितरित करेंगे। बयान के अनुसार अगली पीढ़ी के मंच के तौर पर तैयार किया गया निवेश मित्र 3.0 उद्योगों की स्थापना और संचालन के लिए आवश्यक स्वीकृतियों को अधिक तेज, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस मंच में निवेशकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई उन्नत सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिनमें एआई-संचालित चैटबॉट द्वारा त्वरित सहायता, आवेदन की स्थिति पर वास्तविक समय में एसएमएस अलर्ट, एकीकृत आवेदन तथा जीआईएस-आधारित लैंड बैंक के माध्यम से उपयुक्त भूमि की आसान पहचान शामिल है।
उन्होंने बताया कि निवेशक अब अपने प्रस्तावों पर शिलान्यास से लेकर व्यावसायिक उत्पादन तक ऑनलाइन निगरानी रख सकेंगे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। साथ ही, एकल खिड़की व्यवस्था के साथ एकीकरण से केंद्र और राज्य स्तर की स्वीकृतियों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल की शुरुआत के कार्यक्रम के दौरान इन्वेस्ट यूपी, जाइलएमएक्स एलएलपी एवं मेकर घाट के बीच उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ की स्थापना के लिये एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा 'कौशल संपर्क प्रकोष्ठ' के लिए इन्वेस्ट यूपी और द कन्वर्जेंस फाउंडेशन के बीच भी एमओयू पर हस्ताक्षर किया जाएगा, जिससे कौशल विकास और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 तथा बायोप्लास्टिक्स नीति-2024 के तहत विभिन्न क्षेत्रों विनिर्माण, सीमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, लौह एवं इस्पात, सेवाएं और ऑटोमोबाइल के लिए 85 आश्वासन पत्र और अर्हता प्रमाणपत्र वितरित करेंगे। साथ ही 2,781.12 करोड़ की सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी।
