Lucknow Book Fair: लखनऊ पुस्तक मेले में बिकीं 32 लाख की पुस्तकें, मेले में अंतिम दिन रही युवाओंऔर छात्रों की भीड़
लखनऊ, अमृत विचार। रवीन्द्रालय लॉन में 13 मार्च से चल रहा लखनऊ पुस्तक मेला रविवार को विदा हो गया। 10 दिवसीय इस पुस्तक मेले में लगभग 32 लाख रुपये की पुस्तकें बिकीं। रविवार को अंतिम दिन विद्यार्थियों और युवाओं की सबसे ज्यादा भागीदारी रही। मेले में पुस्तक विमोचन, साहित्य चर्चा के आयोजन भी हुए। ज्योति किरन रतन के संयोजन मे अवधी व्यंजन उत्सव भी सराहा गया।
लखनऊ पुस्तक मेले के अंतिम दिन की शुरुआत आज सुबह डॉ. रुचि श्रीवास्तव की नन्हें मुन्नों की कविताएं, कथा संग्रह पक्के दोस्त और नेकी का बदला व पर्व हमारे रंग-बिरंगे का विमोचन संजीव जायसवाल संजय, डॉ. अमिता दुबे, नीलम राकेश और विनय श्रीवास्तव की मौजूदगी में हुआ।
आईपीएस प्रशांत आनन्द ने अपनी किताब रूल्स टू रूल्स पर आयुषी के साथ चर्चा की। इसी क्रम में ब्लू ड्राप और रेडियो फ्रेंड्स के संयोजन में विश्व जल दिवस पर आयोजित परिसंवाद और कवि गोष्ठी में प्रो. वेंकटेश दत्ता, अपर आयुक्त राकेश पटेल, नन्द किशोर वर्मा, पवन कुमार जैन और डॉ. मीनू खरे की सहभागिता रही।
ऋषभ, ज्योति, शिवाय, फैज, अभिषेक, विशाखा, आशुतोष, दीपशिखा, अलीशा और शालिनी की कविता किस्से कहानियां की प्रस्तुति के बाद समापन समारोह में संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने प्रतिभागियों व सहयोगियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कल अंतरराष्ट्रीय पुतुल दिवस पर काफिला नाट्य संस्थान के कलाकारों ने मेराज आलम के निर्देशन में कठपुतली के खेल दिखाये। कठपुतली के परम्परागत कलाकार नौशाद ने भी मेले में प्रदर्शन कर उपस्थिति दर्ज करायी। इससे पहले कलम से कम्प्यूटर परिचर्चा में डॉ. सुधाकर अदीब ने विचार रखे। रमाकांत श्रीवास्तव स्मृति संस्थान की ओर से नमन के भाव सुमन और रससिद्ध कवि क्रांतिकारी हितैषी का विमोचन मिथिलेश दीक्षित की किताब मेरा साक्षात्कार का विमोचन हुआ। इस अवसर पर डॉ. अमिता दुबे, अलका प्रमोद, करुणा पाण्डे, सुशील अवस्थी और विनय श्रीवास्तव की मंच पर उपस्थित रही।
प्रो. नरेशचन्द्र त्रिपाठी की पुस्तक एक राम अनेक आयाम के विमोचन में डॉ. विद्या विंदु सिंह, दयानंद पांडेय, डॉ. विशम्भर शुक्ल, प्रो. उमाशंकर शुक्ल शितिकण्ठ, प्रद्युम्न तिवारी, विनय दास आदि ने विचार व्यक्त किये। इसी क्रम में आलोक दुबे के कथा संग्रह का विमोचन हुआ।
लक्ष्य साहित्यिक समाजिक सांस्कृतिक संस्था के कवि सम्मेलन में कवि कुंवर कुसुमेश ने अध्यक्षता की, गोपाल कृष्ण श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि रहे भ्रमर वैसवारी रहे। संचालन कवि डॉ. मनमोहन बाराकोटी ने किया। सुनील कुमार बाजपेई, डॉ. शरद पांडे शशांक, प्रवीण कुमार शुक्ला, गोबर गणेश, अनिल किशोर शुक्ला, अरविंद रस्तोगी, मनमोहन बाराकोटी, आलोक रावत, आहत लखनवी, आवारा नवीन, केवल प्रसाद सत्यम, राजीव पंत, खुशबू पांडे, महिमा तिवारी, शिखा सिंह, डॉ. निशा सिंह, नवल, प्रिया सिंह, रंगोली पंडित, आशुतोष तिवारी, संतोष कुमार तिवारी, कृष्णानंद राय, महेश चंद्र गुप्ता, गायत्री जोशी, गोविंद यादव और ज्योति किरण रतन आदि ने काव्य पाठ किया।
