अभ्युदय योजना से बेटियों ने यूपीएससी में लहराया परचम, बिना महंगी कोचिंग के मिली सफलता, तीन बेटियों ने 2025 में बनाई पहचान
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश की बेटियां अब सपनों को हकीकत में बदल रही हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उनके लिए ऐसा सशक्त मंच बनकर उभरी है, जिसके सहारे वे देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में सफलता हासिल कर रही हैं। वर्ष 2025 में इस योजना का लाभ लेकर प्रदेश की तीन बेटियों ने उल्लेखनीय सफलता दर्ज कर “नारी तू नारायणी” की भावना को साकार किया है।
खास बात यह है कि इस योजना के तहत बेटियां बिना महंगी कोचिंग के भी बड़ी सफलता हासिल कर रही हैं। अब तक ढाई सौ से अधिक अभ्यर्थी, विशेषकर बेटियां, इस योजना के जरिए सफलता प्राप्त कर प्रशासनिक सेवाओं में स्थान बना चुकी हैं।
गाजियाबाद की मानसी ने सीमित संसाधनों के बावजूद सेल्फ स्टडी और योजना के मार्गदर्शन से 444वीं रैंक हासिल की। झांसी की अदिति सिंह ने 859वीं रैंक पाई और तैयारी के साथ-साथ अन्य अभ्यर्थियों को पढ़ाकर सहयोग भी किया। वहीं आगरा की तनीषा सिंह ने घर से ऑनलाइन तैयारी करते हुए 930वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई।
इसके अलावा लखनऊ की कीर्तिका सिंह पहले ही इस योजना का लाभ लेकर डिप्टी एसपी बन चुकी हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण सामग्री और विशेषज्ञों के सहयोग से अब बेटियां आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में उतर रही हैं।
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