IIT Kanpur : आईआईटी कानपुर में 'अभिव्यक्ति 2026' का समापन, डीप-टेक नवाचार को मिला बढ़ावा
कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) द्वारा आयोजित दो दिवसीय डीप-टेक सम्मेलन 'अभिव्यक्ति 2026' का सफल समापन हुआ। "उन्नत शोध को वैश्विक समाधानों में बदलना" विषय पर आधारित इस आयोजन में देशभर के स्टार्टअप्स, नीति-निर्माता, निवेशक और वैज्ञानिक शामिल हुए।
सम्मेलन में 150 से अधिक स्टार्टअप्स ने भाग लिया, जो एआई/एमएल, मेडटेक, क्लीनटेक, रक्षा एवं एयरोस्पेस, साइबर सुरक्षा, फिनटेक, आईओटी और एग्रीटेक जैसे क्षेत्रों से जुड़े थे।आयोजन ने आईआईटी कानपुर को नवाचार, सहयोग और निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में स्थापित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन आयुक्त के. विजयेंद्र पांडियन तथा कुलपति विनय कुमार पाठक ने किया।
सम्मेलन में शोध और बाजार के बीच की दूरी कम करने पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने शुरुआती तकनीकों के जोखिम को कम करने, फंडिंग बढ़ाने और स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। मेडटेक क्षेत्र में नियामकीय चुनौतियों, शोध को उत्पाद में बदलने और सीएसआर के माध्यम से वित्त पोषण जैसे विषय भी प्रमुख रहे। दूसरे दिन नए बैच लॉन्च, एमओयू हस्ताक्षर और कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर विशेष बल दिया गया, जबकि महिलाओं की भागीदारी पर केंद्रित विशेष पैनल भी आयोजित हुआ। पिच बैटल में एथ्रोन एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि गोफ्लोट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड और सिमैक्ट्रिकल्स प्राइवेट लिमिटेड क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
प्रदर्शनी और नेटवर्किंग सत्रों के माध्यम से स्टार्टअप्स और निवेशकों के बीच संवाद स्थापित हुआ, जिससे फंडिंग और साझेदारी के नए अवसर सृजित हुए। वर्ष 2000 में स्थापित एसआईआईसी, आईआईटी कानपुर का प्रमुख इनक्यूबेशन केंद्र है, जो 500 से अधिक स्टार्टअप्स को समर्थन प्रदान करता है। संस्थान देश में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
