यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला : ग्रेटर नोएडा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क को मंजूरी, 174 एकड़ में विकसित होगी परियोजना

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा में 'मल्‍टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क नीति-2024' के तहत ग्रेटर नोएडा में 174.12 एकड़ भूमि पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) की स्थापना के लिए नियम, शर्तें और विवरणिका को मंजूरी दी है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

एक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को संपन्न हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसके तहत ''उत्तर प्रदेश मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क नीति-2024" के तहत ग्रेटर नोएडा में 174.12 एकड़ भूमि पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) की स्थापना के लिए नियम, शर्तें और विवरणिका को मंजूरी दे दी गई है। 

राज्य सरकार की नीति के तहत न्यूनतम 1,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क परियोजनाओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। ऐसी परियोजनाओं को 30 प्रतिशत अग्रिम सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जो केवल सरकारी या औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा लीज पर आवंटित भूमि पर ही अनुमन्य होगी। 

उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति (एचएलईसी) ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण बोर्ड, मूल्यांकन समिति और औद्योगिक विकास विभाग की संस्तुति के आधार पर चयनित कंपनियों को 30 प्रतिशत भूमि सब्सिडी देने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इसी के अनुरूप मंत्रिमंडल ने अंतिम अनुमोदन प्रदान किया। 

बयान के अनुसार, इसके अलावा बैठक में एक अन्य प्रस्ताव "उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025" को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के तहत प्रदेश में विश्वस्तरीय परिचालन के लिए तैयार (प्लग-एंड-प्ले) बिजनेस पार्क विकसित कर वैश्विक निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को नई गति दी जाएगी। 

योजना के अंतर्गत प्रदेश में ऐसे बिजनेस पार्क विकसित किए जाएंगे, जहां वैश्विक कंपनियों के कार्यालय, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्र, वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) तथा संचालन केंद्र स्थापित किए जा सकेंगे। इन पार्कों में रेडी-टू-ऑपरेट और प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे सेवा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में तेजी से विस्तार होगा।

मंत्रिमंडल की बैठक में अटल औद्योगिक अवसंरचना मिशन के तहत गंगा एक्सप्रेसवे के निकट जनपद संभल में एकीकृत विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स संकुल (आईएमएलसी) की स्थापना को अवस्थापना विकास कार्यों को मंजूरी दे दी गई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के अंतर्गत 29 स्थलों पर प्रस्तावित औद्योगिक गलियारा परियोजना के तहत यह क्लस्टर विकसित किया जाएगा। 

एक अन्‍य बयान में कहा गया कि मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुनियादी ढांचे, हेरिटेज संरक्षण और यातायात व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं में लखनऊ के वृन्दावन योजना सेक्टर-15 में प्रस्तावित इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत को स्वीकृति प्रदान की गई है। 

साथ ही मंत्रिमंडल के फैसलों में राजधानी के ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के उद्देश्य से रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने और परिवहन सुविधा के लिए दुबग्गा चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण करने की परियोजना की स्वीकृति शामिल हैं। 

मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उप्र राजस्व संहिता, 2006 की धारा-80 में संशोधन को अध्यादेश 2026 को मंजूरी दे दी गई। इस अहम फैसले के तहत विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों, विनियमित क्षेत्रों तथा उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधीन क्षेत्रों में गैर-कृषि उपयोग (लैंड यूज़) परिवर्तन की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया गया है।

बयान में कहा गया कि अब इन क्षेत्रों में अलग से 'लैंड यूज' बदलवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि किसी भूखंड का नक्शा प्राधिकरण द्वारा पास हो जाता है, तो उसी को भूमि उपयोग परिवर्तन माना जाएगा। इससे पहले लोगों को दोहरी प्रक्रिया (पहले लैंड यूज परिवर्तन और फिर नक्शा पास कराने) से गुजरना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की अधिक खपत होती थी। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि नई व्यवस्था में नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में ही सभी औपचारिकताएं समाहित कर दी गई हैं। इससे न केवल आमजन को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी। 

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