Uttrakhand: इसरो व कुमाऊं यूनिवर्सिटी में मनाएंगे आर्यभट्ट सैटेलाइट की गोल्डन जुबली

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Published By Monis Khan
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नैनीताल, अमृत विचार। आर्यभट्ट सैटेलाइट की गोल्डन जुबली भारतीय खगोल विज्ञान के इतिहास में गौरवमय गाथा है। जिसकी सफलता के बाद अंतरिक्ष की दुनिया में देश आसमान की गहराइयों को स्पर्श करता चला गया। जिसे लेकर इसरो और कुमाऊं विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से शुक्रवार को आउटरीच समारोह डीएसबी परिसर में आयोजित करने जा रहे हैं।

कार्यक्रम के आयोजक डीएसबी परिसर के प्रो. रमेश चंद्रा ने बताया कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में इसरो ने देश को बुलंदियों तक पहुंचाया है और आर्यभट्ट सैटेलाइट जैसे मिशन इसके प्रेरणाश्रोत रहे हैं। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों को आगे ले जाने के लिए बहुआयामी तैयारियां जरूरी हैं। जिसे लेकर भारत सरकार द्वारा युवाओं को खगोल विज्ञान के प्रति आकर्षित करने के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

शुक्रवार को होने जा रहा कार्यक्रम भी इसका एक हिस्सा है। इस मौके पर इसरो के वैज्ञानिक मौजूद रहेंगे और दुनिया में हो रहे अंतरिक्ष कार्यक्रमों से अवगत कराएंगे। इसके अलावा अंतरिक्ष के गूढ़ रहस्यों की जानकारी देंगे। वहीं, स्कूली बच्चों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जा रहा है। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों समेत डीएसबी के शिक्षक, शोध छात्र व स्कूली बच्चे मौजूद रहेंगे।

 

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