कानपुर में अतिक्रमण अभियान चलता है, लेकिन असर नजर नहीं आता, सड़कों पर अवैध कब्जा बरकरार
कानपुर, अमृत विचार। शहर की सड़कें जाम की मार झेल रही हैं, फुटपाथ गुम हो चुके हैं और अतिक्रमण हर तरफ फैला हुआ है। नगर निगम का प्रवर्तन दल समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का दावा तो करता है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। अस्थायी ठेले से लेकर स्थायी कब्जे तक सब कुछ बरकरार, जिसकी वजह से न सिर्फ कानपुरवासियों को, बल्कि आसपास के जिलों से आने वाले लोगों को भी रोजाना जाम की भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गुमटी नंबर 5: बाजार का स्थायी जाम
शहर का प्रमुख बाजार गुमटी नंबर 5 पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में है। दुकानदारों ने दुकानों के बाहर तक सामान सजा रखा है। फुटपाथ तो खोजने पर भी मुश्किल से नजर आता है। सड़क के बीचों-बीच बाइक-कारें पार्क हो जाती हैं, लोग खरीदारी में लग जाते हैं और जाम की स्थिति इतनी विकराल हो जाती है कि फजलगंज, विजयनगर, दादा नगर, शास्त्री नगर, गोविंद नगर और दक्षिण क्षेत्र समेत पूरे शहर के लोग परेशान रहते हैं। जाम से बचने के लिए वाहन सवार गलियों में घुसते हैं, वहां भी जाम लग जाता है। गलियों में रहने वाले लोगों को आवागमन की दिक्कत के साथ-साथ लगातार हॉर्न और वाहनों की आवाज से ध्वनि प्रदूषण भी झेलना पड़ रहा है।
सीसामऊ, पी-रोड और संगीत टॉकीज रोड पर दोबारा कब्जे का सिलसिला
इन प्रमुख इलाकों में भी यही हाल है। दुकानदार फुटपाथ से लेकर सड़क तक कब्जा जमाए हुए हैं। बीते दिनों नगर निगम के प्रवर्तन दल ने यहां अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था, लेकिन अभियान खत्म होते ही सब कुछ पहले जैसा हो गया। अतिक्रमण फिर लौट आया। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने साफ निर्देश दिए थे कि सप्ताह में दो से तीन बार अतिक्रमण अभियान चलाया जाए और वसूली भी की जाए। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी न तो अभियान समय पर संचालित कर पा रहे हैं और न ही वसूली में कोई खास सफलता हासिल कर पा रहे हैं।
