बाराबंकी : ताबड़तोड़ छापेमारी से गल्ला मंडी में हलचल, बंद रहीं दुकानें
बाराबंकी, अमृत विचार। बाजार का सेफ जोन मानी गई गल्ला मंडी में खाद्य एवं औषधि टीम की ताबड़तोड़ छापेमारी से व्यापारी भड़के हुए हैं। हालांकि विभाग के अनुसार यह सामान्य प्रक्रिया है और जांच रिपोर्ट के अनुसार ही आगे की कार्रवाई तय होगी। उधर गुरुवार को दुकानें बंद कर व्यापारी एडीएम से मिले और अपनी बात रखी।
बताते चलें कि बुधवार को खाद्य एवं औषधि एवं औषधि विभाग की संयुक्त टीमों ने गल्ला मंडी पहुंचकर दुकानों की जांच शुरु की। इस मंडी में दैनिक उपयोग वाली वस्तुओं के अलावा खाद्य पदार्थ की फुटकर एवं थोक बिक्री की जाती है, वहीं अनाज का भी कारोबार होता है।
जानकारी के अनुसार इस मंडी तक लंबे समय से कोई विभागीय टीम जांच करने नहीं पहुंची थी लेकिन बुधवार को टीम ने वस्तुओं की जांच की और साबूदाना, कुट्टू आटा, छुआरा और किशमिश समेत कुल 5 नमूने भरे तो व्यापारी असमंजस में पड़ गए। इस बीच कई दुकानों के शटर गिराकर व्यापारियों के गायब होने का सिलसिला भी शुरू हो गया।
टीम अपना काम कर लौटी ही थी कि व्यापारी एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन भी करने लगे। जबकि टीम का कहना है कि यह अन्य जगहों पर होने वाली जांच की तरह ही यह एक प्रक्रिया है ताकि मिलावटी या दूषित खाद्य पदार्थाें की बिक्री पर अंकुश लगाया जा सके।
व्यापारियों को इस तरह की कार्रवाई में विभाग का सहयोग करना चाहिये, जिससे आम लोगों तक बेहतक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराया जा सके। उधर व्यापारी नेता प्रदीप जैन, राजीव गुप्ता बब्बी, रविनन खजांची व संजय निगम समेत अन्य व्यापारी गुरुवार को एडीएम से मिले और छापेमारी का विरोध जताया। एडीएम ने व्यापारियों से दुकानें खोलने की अपील करते हुए जांच की बात कहा।
