नैनीताल : आर्यभट्ट यान की स्वर्ण जयंती पर बोले इसरो के डिप्टी डायरेक्टर - अंतरिक्ष योजनाओं को आगे बढ़ाने का जिम्मा युवाओं पर

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Published By Virendra Pandey
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अमृत विचार, नैनीताल: देश के पहले अंतरिक्ष यान आर्यभट्ट सैटेलाइट की स्वर्ण जयंती शुक्रवार को डीएसबी परिसर में विविध कार्यक्रमों के साथ मनाई गई। इस अवसर पर इसरो, डीएसबी कैंपस और नगर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

डीएसबी परिसर सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए यू आर राव सैटेलाइट सेंटर, इसरो के  डिप्टी डायरेक्टर एन एस मुरली ने कहा कि आर्यभट्ट सैटेलाइट मिशन देश का पहला मिशन था। जिसकी सफलता से देश का अंतरिक्ष मिशन का सफर शुरू हुआ और आज हम विश्व में अलग पहचान बनाने में सफल हो पाए हैं। अंतरिक्ष योजनाओं को आगे ले जाने का जिम्मा युवाओं के कंधों पर रहेगा। इसरो के डा ए राजेंद्र ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान का क्षेत्र न केवल युवाओं के लिए बेहतर भविष्य बनाने का क्षेत्र है बल्कि वैश्विक स्तर पर सेवा देना का क्षेत्र है। युवाओं को आगे आकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। 

भौतिक विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो सूची बिष्ट ने कहा कि नगर के युवाओं को खगोलीय दुनिया के प्रति आकर्षित करने के लिए इस कार्यक्रम में युवाओं को शामिल किया गया है। इसरो से पहुंचे वैज्ञानिकों से मिलकर वह कई जानकारी ले सकते हैं। प्रो रमेश चंद्रा ने आर्यभट्ट अंतरिक्ष यान के बारे में जानकारी दी। इसरो के डॉ संकरासुब्रह्मण्यम ने भारतीय अंतरिक्ष परियोजनाओं पर प्रकाश डाला। कहा कि इसरो मार्स ऑर्बिट मिशन, चंद्रयान 3 और आदित्य एल 1 जैसे सफल मिशन लॉन्च कर चुका है। इस अवसर पर स्कूली बच्चों की अंतरिक्ष पर क्विज और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमे शेरवुड कालेज, सेंट मैरी कांवेंट कॉलेज, सनवाल स्कूल, मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर, जीजीआईसी समेत अन्य विद्यालयों ने भाग लिया। इस अवसर पर डीन प्रो संजय पंत, इसरो के डा गोविंद राव, डा सिद्धार्थ तिवारी, डा भुवन जोशी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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