मुख्तार अंसारी पर 2004 के जानलेवा हमले में के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, बृजेश और त्रिभुवन सिंह समेत सभी बरी
लखनऊ, अमृत विचार। वर्ष 2004 के गैंगवार में तत्कालीन विधायक मुख़्तार अंसारी पर जानलेवा हमला करने के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश हरबंस नारायण ने बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह, आनंद राय, सुनील राय और अजय सिंह उर्फ गुड्डू को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
कोर्ट ने अपना फैसला देर शाम लगभग साढ़े छह बजे सुनाया । सभी आरोपियों को बरी करते हुए कहा की अभियोजन आरोपियों के ख़िलाफ़ आरोपों को साबित करने में असफल रहा है। लिहाजा आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया जाता है।शनिवार को फैसला सुनाए जाने के पहले माफिया बृजेश सिंह, आनंद राय और सुनील राय कोर्ट में हाजिर हुए जबकि अन्य मामले में मिर्जापुर जेल में बंद त्रिभुवन सिंह और वाराणसी जेल में बंद अजय सिंह को पुलिस सुरक्षा के बीच जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। पत्रावली के अनुसार मऊ के तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी ने कैंट थाने में 13 जनवरी 2004 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने परिवार के साथ अपनी गाड़ी से जा रहे थे और जैसे ही कैंटोमेंट चौराहे पर पहुचे तभी वहा पहले से चौराहे के इर्द गिर्द टाटा सफारी,बोलेरो,टाटा सुमो सहित कई गाड़िया खड़ी थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे ही उनकी गाड़ियो को आते देखा तो विधायक कृष्णानंद राय हाथ में एमवी राइफल, त्रिभुवन सिंह एके 47, बृजेश सिंह एसएलआर और अजय सिंह पिस्टल लेकर अपनी गाड़ियो से उतरे और उसकी हत्या की नीयत से गोलियां चलाने लगे। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों के ललकारने पर उनके गिरोह के लगभग 20 सदस्य अपनी गाड़ियो से उतरे और अपने हाथो में लिए बंदूक, राइफल पिस्टल समेत अन्य हथियारों से फायरिंग करने लगे।आरोप है कि इस फायरिंग से डर कर वादी, उसके परिवार के लोग और साथी हमले से बचने के लिए गाड़ियो से कूदकर आड़ में छिप गए। दूसरी गाड़ी में बैठे वादी के चचेरे भाई गौस मोहिउद्दीन, अफरोज ख़ान, सलीम समेत अन्य लोगो ने गाड़ियों की रोशनी में आरोपियों को भली भांति पहचाना था।इस हमले में मुख्तार अंसारी की दो सफारी गाड़ियो में आरोपियों की चलाई गई गोलियां लगीं। इस घटना को लेकर तत्कालीन विधायक कृष्णानंद राय ने भी मुख्तार अंसारी के ख़िलाफ़ कैंट थाने में उसी दिन हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
