लखनऊ मंडल में सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा, राजधानी में 26.2% बढ़ोत्तरी, घायलों में 71.7% उछाल
लखनऊ, अमृत विचारः लखनऊ मंडल में जनवरी और फरवरी 2026 के बीच सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यातायात निदेशालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मंडल में कुल दुर्घटनाओं की संख्या 1049 से बढ़कर 1074 हो गई, जो 2.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। वहीं मृतकों की संख्या 549 से बढ़कर 551 हुई, जबकि घायलों की संख्या 732 से बढ़कर 832 पहुंच गई, जो 13.66 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
लखनऊ में वृद्धि सबसे अधिक
जिला स्तर पर देखें तो लखनऊ में स्थिति सबसे गंभीर रही। यहां दुर्घटनाएं 271 से बढ़कर 342 हो गईं, मृतक 99 से बढ़कर 128 और घायल 187 से बढ़कर 321 हो गए। लखनऊ में दुर्घटनाओं में 26.2 प्रतिशत, मृतकों में 29.3 प्रतिशत और घायलों में 71.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्नाव में दुर्घटनाएं लगभग स्थिर रहीं, लेकिन मृतकों की संख्या में कमी और घायलों में वृद्धि दर्ज की गई। रायबरेली में दुर्घटनाएं कम हुईं, लेकिन मृतक और घायल बढ़े। सीतापुर में दुर्घटनाओं में कमी आई, पर मृतकों की संख्या बढ़ी और घायलों में बड़ी गिरावट रही। लखीमपुर खीरी में हल्की वृद्धि हुई, लेकिन मृतक और घायल कम हुए। हरदोई एकमात्र ऐसा जिला रहा, जहां सभी तीन श्रेणियों में कमी दर्ज की गई।
मंडलीय बैठक में हुई गंभीर चर्चा
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन, पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जबकि अन्य जिले ऑनलाइन जुड़े। बैठक में 30 दिसंबर 2025 की पिछली बैठक के निर्णयों की समीक्षा की गई, जिसमें दुर्घटनाओं की बढ़ोतरी को चिंताजनक बताया गया।
दुर्घटनाओं के कारणों की जांच और ब्लैक स्पॉट सुधार
आयुक्त ने सभी दुर्घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण कराने के निर्देश दिए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हादसे किसी विशेष मार्ग या ब्लैक स्पॉट पर अधिक हो रहे हैं या पूरे क्षेत्र में समान रूप से। वर्ष 2025 में मंडल में कुल 283 ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किए गए थे। इनमें 151 लोक निर्माण विभाग, 100 एनएचएआई और 32 एनएच पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आते हैं। सभी स्थानों को मानकों के अनुरूप सुधारने के निर्देश दिए गए।
राहवीर योजना और हिट एंड रन मामलों में सुधार
बैठक में राहवीर योजना की समीक्षा में पाया गया कि वर्ष 2025 में केवल 11 प्रस्ताव भेजे गए थे और लखनऊ से कोई भी प्रस्ताव नहीं गया। 2026 में अब तक लखनऊ और लखीमपुर खीरी से 2-2 प्रस्ताव प्राप्त हुए। आयुक्त ने योजना के प्रचार-प्रसार और ट्रॉमा सेंटर स्तर पर प्रक्रिया स्पष्ट करने के निर्देश दिए। हिट एंड रन मामलों में लापरवाही भी उजागर हुई। लखनऊ में 24 मामले आए, लेकिन केवल 4 का निस्तारण हुआ। पूरे मंडल में 221 में से 131 मामले लंबित हैं। सभी मामलों का निस्तारण एक माह के भीतर करने के निर्देश दिए गए।
कैशलेस उपचार योजना को प्रभावी बनाने पर जोर
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के तहत 24 घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचने पर 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध है। आयुक्त ने सभी जिलों से योजना के लाभार्थियों और खर्च का विवरण मांगा। बैठक में स्पष्ट किया गया कि सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए त्वरित एवं प्रभावी कदम उठाना अनिवार्य है।
