कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़, चिकित्सक दंपति समेत छह गिरफ्तार
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर की रावतपुर पुलिस ने अवैध मानव अंग प्रत्यारोपण से जुड़े एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए डॉक्टर दंपति समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पांच डॉक्टर और एक एम्बुलेंस चालक शामिल है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने मंगलवार को यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ अस्पतालों में गरीब और मजबूर लोगों की किडनी निकालकर उन्हें ऊंची कीमत पर बेचा जा रहा है। इस सूचना पर सीएमओ टीम, डीसीपी वेस्ट की सर्विलांस टीम तथा थाना रावतपुर व कल्याणपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन अस्पतालों आहूजा अस्पताल, प्रिया अस्पताल और मिड लाइफ अस्पताल पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान कुल चार अस्पताल संचालकों समेत छह लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें डॉ. सुरजीत सिंह अहूजा (54), उनकी पत्नी डॉ. प्रीति अहूजा (50), डॉ. राजेश कुमार (44), डॉ. राम प्रकाश (40), डॉ. नरेंद्र सिंह (35) और एम्बुलेंस चालक शिवम अग्रवाल (32) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में संदिग्ध दवाइयां और लगभग 1.75 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
इस मामले में संलिप्त चार अन्य डॉक्टरों की गिरफ्तारी के लिये पुलिस लगातार दबिश दे रही है। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि शहर के विभिन्न निजी अस्पतालों में अब तक लगभग 40 से 50 किडनी ट्रांसप्लांट किए जाने की आशंका है जिसमें एक दक्षिण अफ्रीकी नागरिक भी शामिल है। सामान्य तौर पर किडनी ट्रांसप्लांट मरीज का निकट रिश्तेदार ही कर सकता है और इसके लिये भी एक प्रक्रिया के तहत अनुमति लेनी पड़ती है।
पुलिस किडनी प्रत्यारोपण में लिप्त पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है, जिससे इसमें संलिप्त अन्य व्यक्तियों एवं संस्थानों की भी पहचान की जा सके। इस मामले में थाना रावतपुर में मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 की धाराओं 18, 19, 20 तथा बीएनएस की धारा 143/3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है जबकि शीघ्र ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करते हुए प्रकरण का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
