Uttrakhand: गैस बुकिंग की शिकायत दर्ज कराने के नाम पर पूर्व कुलपति से साइबर ठगी

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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नैनीताल, अमृत विचार। रसोई गैस व पेट्रोल की किल्लत को अब साइबर अपराधी भी ठगी का माध्यम बनाकर अवसर खोजने लगे है।ठगों ने मल्लीताल निवासी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति बीना साह को गैस बुकिंग के नाम पर 1.91 लाख रुपये की चपत लगा दी।

महिला को ठगी का अहसास तब हुआ जब उसके फोन पर खाते से रकम कटने का संदेश प्राप्त हुआ। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। यह पहला मामला नहीं जब महिला साइबर ठगों का शिकार हुई हो। बीते वर्ष अगस्त में महिला को डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने 1.47 करोड़ की रकम ठग ली थी।

मल्लीताल गार्डन हाउस निवासी बीना साह ने कोतवाली को दी तहरीर में कहा है कि बीते 20 मार्च को उन्होंने अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से इंडेन गैस की बुकिंग की, लेकिन भुगतान नहीं होने पर उन्होंने पेटीएम के माध्यम से शिकायत कराने की कोशिश की तो एक वाट्सएप नंबर देकर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया। दिये गए नंबर पर संपर्क करने के बाद उन्हें कई फोन आये व बात करने वाले व्यक्ति ने उनके फोन को स्क्रीन शेयर पर लेकर कुछ प्रक्रिया पूरी कर फोन काट दिया। 

जिसके कुछ ही देर बाद उसके खाते से 84,539 और 9,999 रुपये मोहम्मद फरहान नाम के व्यक्ति के खाते में ट्रासफर कर लिए गए। 21 मार्च को दोबारा फोन कर उसे झांसे में लेकर दोबारा 96,949 रुपये किसी अंजली के अकाउंट में ट्रासफर कर लिए गए। उन्हें ठगी का अहसास तब हुआ जब उनके फोन पर खाते से रकम कटने के संदेश प्राप्त हुए। महिला का कहना है कि अभी भी उन्हें अज्ञात नंबरों से फोन आ रहे है। कोतवाल हेम चंद्र पंत ने बताया कि शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर कर दिया गया है। मामले की जानकारी साइबर सेल को भी दे दी गई है।

बीते वर्ष अगस्त में डिजिटल अरेस्ट कर ठगे थे 1.47 करोड़
पीड़ित महिला पूर्व में रुहेलखंड विश्वविद्यालय की कुलपति रह चुकी है। जो कि नैनीताल में एकाकी जीवन व्यतीत करतीं हैं।महिला से गैस बुकिंग के नाम पर ठगी का यह पहला मामला नहीं है। बीते वर्ष अगस्त में भी महिला को डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने 1.47 करोड़ की रकम ठग ली थी। हालांकि, पुलिस की ओर से पूर्व में ही मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार भी किया था। पीड़िता ने बताया कि पुराने मामले को सात माह गुजर चुके है। लेकिन उनके द्वारा गंवाई गई रकम से एक रुपये भी वापस नहीं मिला। मामले में रिकवरी नहीं होने से भी वह आहत नजर आई। अब दोबारा हुई ठगी ने जैसे उन्हें तोड़ कर रख दिया है।

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