Moradabad: ग्रीष्म ऋतु में बढ़ेगी गर्मी की तीव्रता...पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू के अधिक दिन संभावित

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Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। ग्रीष्म ऋतु 2026 को लेकर जारी दीर्घावधि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इस बार प्रदेश में गर्मी का असर अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है। मार्च में पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता के चलते दूसरे पखवाड़े में हुई बारिश से कुल प्रादेशिक वर्षा सामान्य स्तर पर रही, लेकिन पहले पखवाड़े में तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण औसत अधिकतम व न्यूनतम तापमान एक से तीन डिग्री सेल्सियस ऊपर दर्ज किया गया।

जिला आपदा विशेषज्ञ प्रदीप कुमार के अनुसार वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में तटस्थ निनो परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिनके ग्रीष्म ऋतु तक बने रहने की संभावना है। इसके साथ ही हिंद महासागर में भी तटस्थ द्विध्रुवीय स्थिति का प्रभाव देखने को मिलेगा। इन परिस्थितियों के असर से अप्रैल में पूर्वांचल को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। हालांकि, तापमान के दृष्टिकोण से स्थिति चिंताजनक बनी रह सकती है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने के साथ ही लू चलने वाले दिनों की संख्या भी बढ़ने के आसार हैं। वहीं पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहने की संभावना जताई गई है। वर्तमान मौसम प्रणाली के तहत उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बने चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव 31 मार्च के बाद समाप्त हो जाएगा। इसके बाद तीन अप्रैल तक मौसम साफ रहने की उम्मीद है। इस दौरान तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

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