Moradabad: ऊधम सिंह गैंग का शॉर्प शूटर मोंटी मुठभेड़ में ढेर, व्यवसायी से मांगी थी पांच करोड़ की रंगदारी
मुरादाबाद, अमृत विचार। एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस के साथ संयुक्त मुठभेड़ में बुधवार को ऊधम सिंह गैंग का शॉर्प शूटर आशु चड्ढा उर्फ मोंटी गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया है। मोंटी मुरादाबाद के व्यवसायी से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित चल रहा था। उस पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
एसटीएफ की फील्ड यूनिट मेरठ को सूचना मिली कि ऊधम सिंह गैंग का शॉर्प शूटर आशू चड्ढा उर्फ मोंटी इन दिनों मुरादाबाद में सक्रिय है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। मोंटी ने पिछले दिनों सिविल लाइन्स क्षेत्र के प्रतिष्ठित कारोबारी से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। एसटीएफ टीम का अनुमान था कि मोंटी कारोबारी को धमकाकर रंगदारी की रकम वसूलने की फिराक में है।
इसके बाद एसटीएफ की टीम ने मुरादाबाद की सिविल लाइन्स पुलिस से संपर्क करके संयुक्त ऑपरेशन की चलाया। सिविल लाइन्स क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में उधम सिंह गैंग के शॉर्प शूटर आशु उर्फ मोंटी पुत्र भरत सिंह निवासी मीरापुर कलां थाना हाफिजपुर गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया है । घायल को तत्काल अस्पताल भेजा गया है। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शूटर का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मुठभेड़ में 50 हजार के इनामी मोंटी के मारे जाने की सूचना मिलते ही आला पुलिस अफसर मौके पर पहुंच गए। सिविल लाइन्स पुलिस के अनुसार मोंटी पर हत्या, हत्या के प्रयास और डकैती जैसे जघन्य अपराधों के लगभग 36 मुकदमे दर्ज हैं। मोंटी थाना सिविल लाइंस निवासी व्यवसायी से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और हत्या के प्रयास के अपराध में वांछित चल रहा था और उस पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित गया था। पुलिस ने आरोपी के पास स्विफ्ट कार के साथ ही पिस्टल, रिवॉल्वर, बंदूक और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं।
जेल में ऊधम सिंह गैंग से मोंटी का हुआ संपर्क
एसटीएफ के अनुसार आशु चड्ढा उर्फ मोंटी पुत्र भरत सिंह निवासी मीरापुर कला थाना हाफिजपुर जनपद हापुड वर्ष 2010 में हत्या के मामले में जेल गया था। वहां पर ऊधम सिंह गैंग से उसका संपर्क हुआ और जमानत होने के बाद वह उधम गैंग के लिए काम करने लगा। इसके बाद अपराध को ही अपना व्यवसाय बनाकर लूट हत्या करने लगा जिस पर अलग-अलग धाराओं में 36 मुकदमे पंजीकृत हैं।
