डेडलाइन से पहले ईरान युद्धविराम का ऐलान : असीम मुनीर को शुक्रिया कह रहे अराघची, जानिए अमेरिका-इजरायल का क्या है प्लान
वाशिंगटन। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम के लिए सहमत हो गया है और इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। अराघची ने युद्धविराम समझौता करवाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के प्रति आभार व्यक्त किया।
अराघची ने बुधवार तड़के ईरान की सुरक्षा परिषद की ओर से जारी बयान में कहा, "इस्लामिक गणराज्य ईरान की ओर से मैं क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के लिए अथक प्रयास के लिए अपने भाई पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल मुनीर के प्रति आभार और सराहना व्यक्त करता हूं।"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शरीफ के 'भाईचारे के अनुरोध' और अमेरिका द्वारा अपने 15-सूत्री प्रस्ताव के आधार पर वार्ता की मांग, तथा अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के 10-सूत्री प्रस्ताव को वार्ता के आधार के रूप में स्वीकार करने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए, ईरान की सुरक्षा परिषद ने दो फैसले लिए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यालय ने अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो सप्ताह के युद्धविराम को अमेरिका की बड़ी जीत बताया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने आज एक बयान में कहा, "यह अमेरिका की जीत है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और हमारी शानदार सेना ने संभव बनाया है।" उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की शुरुआत से ही राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे चार से छह सप्ताह का अभियान बताया था लेकिन अमेरिकी सैन्य क्षमताओं के चलते 38 दिनों में ही मुख्य सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर लिया गया।
लेविट ने कहा, "हमारे सैनिकों की अद्भुत क्षमताओं की बदौलत, हमने 38 दिनों में अपने प्रमुख सैन्य लक्ष्यों को हासिल किया है और उनसे भी आगे बढ़ गए हैं।" उन्होंने कहा कि सैन्य सफलता के कारण अमेरिका को वार्ता में बढ़त मिली, जिससे कड़े संवाद के जरिए कूटनीतिक समाधान और दीर्घकालिक शांति की संभावना बनी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में सफलता हासिल की। ईरान का कहना है कि जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही उसकी सेनाओं के समन्वय से ही संभव होगी। सुश्री लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की क्षमता को कम नहीं आंकना चाहिए, क्योंकि उन्होंने अमेरिका के हितों को आगे बढ़ाते हुए शांति स्थापित करने की दिशा में कदम उठाया है।
ईरान युद्धविराम के लिए सहमत, अराघची ने की शरीफ की सराहना
पहला, यदि ईरान के खिलाफ हमले रोक दिए जाते हैं, तो ईरान की सशस्त्र सेनाएं भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई बंद कर देंगी। इसके साथ ही दो सप्ताह की अवधि के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी, जो ईरान की सशस्त्र सेनाओं के साथ समन्वय और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए सुनिश्चित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में राजधानी तेहरान सहित कई शहरों पर हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई सहित सैकड़ों लोगों की जान गयी थी। ईरान ने इसके जवाब में इजरायल और पश्चिम एशिया में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे।
पाकिस्तान ने अपनी राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता की पहल की थी। ईरान ने शुरुआत में इस वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया था, हालांकि बुधवार तड़के दोनों देशों के बीच दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति बन गयी। अमेरिका और ईरान 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में युद्धविराम पर आगे की बातचीत करेंगे।
ट्रंप ने बताया पश्चिम एशिया के लिए नए 'स्वर्ण युग' की शुरुआत का संकेत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में युद्धविराम समझौते को ''विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन'' घोषित किया और कहा कि अमेरिका ''होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के यातायात की भीड़ को कम करने में मदद करेगा।''
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ''बहुत सारे सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे!'' उन्होंने कहा, ''इससे खूब आय होगी। ईरान पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू कर सकता है। हम हर तरह की आपूर्ति लेकर जाएंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए वहीं मौजूद रहेंगे कि सब कुछ ठीक से चले। मुझे पूरा भरोसा है कि ऐसा ही होगा।''
ट्रंप की 'ट्रुथ सोशल' वेबसाइट पर दिए गए संदेश से वाशिंगटन की इस चिंता का संकेत मिलता है कि ईरान फारस की खाड़ी के संकरे मुहाने पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है, जिससे शांति काल में कुल तेल और प्राकृतिक गैस का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।
इजरायल ने ईरान पर हमलों को रोकने के लिए के निर्णय का समर्थन किया
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार कहा कि वह ईरान के खिलाफ हमलों को दो सप्ताह के लिए रोकने के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले का समर्थन करते हैं लेकिन इस सीजफायर में लेबनान की लड़ाई शामिल नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक बयान में कहा, "इजरायल अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान के विरुद्ध हमलों को दो सप्ताह के लिए स्थगित करने के निर्णय का समर्थन करता है, बशर्ते ईरान तुरंत जलडमरूमध्य खोल दे और अमेरिका, इजरायल तथा क्षेत्र के अन्य देशों पर सभी हमले बंद कर दे।"
बयान के अनुसार, इजरायल अमेरिका के उन निर्णयों का भी समर्थन करता है जिनका उद्देश्य इजरायल, अमेरिका और अरब देशों के लिए "परमाणु, मिसाइल और आतंकी खतरे" को समाप्त करना है। कार्यालय ने उल्लेख किया, "अमेरिका ने इजरायल को बताया है कि वह आगामी वार्ताओं में अमेरिका, इजरायल और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के साझा किए इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
बयान में हालांकि यह भी कहा गया कि दो सप्ताह के युद्धविराम में लेबनान शामिल नहीं है। इससे पहले, श्री ट्रंप ने घोषणा की थी कि वह ईरान के साथ दो सप्ताह के द्विपक्षीय युद्धविराम के लिए सहमत हो गये हैं। अमेरिकी नेता ने कहा कि ईरान भी होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सहमत हो गया है।
बाद में, संघर्षविराम में मध्यस्थता की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ ने पहले कहा था कि संघर्षविराम में लेबनान भी शामिल है। ईरान ने भी दावा किया है कि उसने संघर्षविराम समझौता इसलिए किया है क्योंकि अमेरिका ने उनकी आठ शर्तें मान ली हैं. इसमें एक शर्त यह भी था कि लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध सहित सभी मोर्चों पर युद्ध को रोका जाएगा लेकिन अब इजरायल ने साफ-साफ कह दिया है कि यह संघर्षविराम लेबनान के लिए नहीं है। वहीं दूसरी ओर, ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि तेहरान शुक्रवार को इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करेगा।
