UP News: पीलीभीत में अब लेपर्ड सफारी का रोमांच पर्यटकों को करेगा आकर्षित, चिन्हित की गई जमीन
पीलीभीत, अमृत विचार। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और तराई क्षेत्र में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए जनपद में लेपर्ड सफारी को लेकर शासन स्तर पर कवायद तेज हो गई है। शासन स्तर पर हुई बैठक में मिले दिशा निर्देश के बाद रविवार को मुख्य वन संरक्षक/फील्ड डायरेक्टर ने वन अफसरों के साथ पूरनपुर रेंज के गोपालपुर जंगल में पहुंचकर संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण किया। बता दें कि शासन स्तर पर हुई बैठक में लेपर्ड सफारी को पूरी तरह से विधिक और तकनीकी रूप से त्रुटिहीन बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए थे, ताकि पीलीभीत लेपर्ड सफारी की सैद्धांतिक मंजूरी के लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव शासन को भेजा जा सके।
वन मंत्री ने दिए थे निर्देश
बीते माह वन मंत्री की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक में प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के स्थायी न्यूनीकरण के दृष्टिगत तीन लेपर्ड सफारी स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। इसमें बिजनौर और बलरामपुर के सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के साथ पीलीभीत को भी शामिल किया गया था। इसके बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर की ओर सामाजिक वानिकी प्रभाग पीलीभीत एवं शाहजहांपुर वन प्रभाग के अंतर्गत गोपालपुर वन खंड में लेपर्ड सफारी स्थापना का औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया था।
गाइडलाइन पर हो रहा मंथन
इधर, बीते 04 अप्रैल को शासन स्तर पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रोजेक्ट टाइगर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पीलीभीत लेपर्ड सफारी पर विस्तार से मंथन किया गया था। बैठक में लेपर्ड सफारी को पूरी तरह से विधिक और तकनीकी रूप से त्रुटिहीन बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए। तय किया गया कि इस पूरी परियोजना का परीक्षण केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की गाइडलाइंस के अनुरूप किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वन संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी इसका गहन परीक्षण भी किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी अड़चन न आए।
फाइनल डीपीआर तैयार करेंगे वनाधिकारी
एपीसीसीएफ ने बैठक में मौजूद मुख्य वन संरक्षक/फील्ड डायरेक्टर पीटीआर पीपी सिंह को तकनीकी परीक्षण के बाद लेपर्ड सफारी निर्माण के लिए शासन को सैद्धांतिक सहमति के लिए जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। शासन से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद इसकी फाइनल डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी भी फील्ड डायरेक्टर को सौंपी गई है। इधर, इसी क्रम में मुख्य वन संरक्षक/फील्ड डायरेक्टर पीपी सिंह अन्य वन अफसरों के साथ रविवार को सामाजिक वानिकी प्रभाग पूरनपुर रेंज के गोपालपुर जंगल में पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने चिन्हित किए गए क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया।
शासन से सैद्धांतिक मंजूरी का इंतजार
सफारी रुट समेत फेसिंग वाले स्थान आदि का का जायजा लिया। प्रस्तावित लेपर्ड सफारी के जलस्रोतों को भी देखा और वन अफसरों से जानकारी ली। वन अफसरों के मुताबिक अब लेपर्ड सफारी को लेकर फाइनल डीपीआर तैयार की जाएगी। शासन स्तर पर मुहर लगने के बाद संबंधित प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। जिसके बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को भेजा जाएगा। निरीक्षण के दौरान सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ भरत कुमार डीके, उप प्रभागीय वनाधिकारी रमेश चौहान समेत अन्य वन अफसर मौजूद रहे।
1716 हेक्टेयर में स्थापित होगा लेपर्ड सफारी पार्क
पीलीभीत लेपर्ड सफारी पार्क को पीलीभीत और शाहजहांपुर वन प्रभाग के गोपालपुर जंगल के 09 कंपार्टमेंट को मिलाकर 1716.60 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित करने की योजना योजना बनाई गई है। लेपर्ड सफारी पार्क को लेकर तैयार की गई कार्ययोजना के मुताबिक पूरे वन क्षेत्र को विशेष लेपर्ड प्रूफ फेंसिंग से घेरा जाएगा। साथ ही साल के 365 दिन चलने वाले पर्यटन को लेकर यहां सफारी रुट बनाए जाएंगे। प्रकृति परिचय केंद्र विकसित करने के अलावा यहां घायल एवं रेस्क्यू किए गए तेंदुओं के लिए वन्यजीव चिकित्सालय और रेस्क्यू एनक्लोजर का भी निर्माण कराने की योजना बनाई गई है। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो आने वाले दिनों में लेपर्ड सफारी के धरातल पर उतरने से पीलीभीत के पर्यटन मानचित्र में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ सकेगा।
