बरेली : आईएमएलसी परियोजना औद्योगिक व लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को देगी रफ्तार

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Published By Pradeep Kumar
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गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे शासन ने इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर की परियोजना को दी है स्वीकृति

बरेली, अमृत विचार। गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार देने के लिए शासन ने बड़ी परियोजना स्वीकृत की है। शाहजहांपुर के बाद बदायूं में स्वीकृत की गयी एक्सप्रेस-वे सन्निकट औद्योगिक विकास केंद्र परियोजना के तहत इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर (आईएमएलसी) को मंजूरी दी है। माना जा रहा है कि इस परियोजना से बरेली और बदायूं के उद्यमियों को उद्योगों को रफ्तार देने में मदद मिलेगी। सैकड़ों उद्योग लगने के साथ युवाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध हो सकेंगे।

गंगा एक्सप्रेस-वे के पास ही यूपीडी एक हजार हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा बसा रहा है। इसके लिए एक्सप्रेस-वे और बरेली-बदायूं हाईवे के बीच भमोरा में चार गांवों की भूमि चिह्नित की गयी है। इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर (आईएमएलसी) का निर्माण यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण) कराएगा। इस परियोजना पर 149 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शासन ने पहली किस्त में 52.16 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। औद्याेगिक विकास अनुभाग के संयुक्त सचिव निर्मेष कुमार शुक्ल ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूपीडा को बदायूं में इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी हाेने के संबंध में पत्र जारी किया है। इसमें बताया गया है कि 2025-26 वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य कराने के लिए 30000 लाख रुपये में से व्यय वित्त समिति एवं पीएफडी ने 14903 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की है। व्यय लागत के सापेक्ष 5216 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी है। यूपीडा को स्वीकृत धनराशि आवश्यकता के अनुसार आहरित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सैकड़ाें एकड़ भूमि अधिग्रहण की जाएगी। शासन ने यूपीडा की सर्वे रिपोर्ट के बाद परियोजना को मंजूरी दी है। कुछ दिन पहले यूपीडा के अधिकारियों ने गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे बदायूं में भूमि के संबंध में निरीक्षण किया था। (आईएमएलसी) का निर्माण कराने के लिए यूपीडा पहले कंपनियों से प्रस्ताव मांगेगी, उसके बाद ही परियोजना आगे बढ़ेगी।

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