कृषि कानूनों के विरोध में खुलकर आए कांग्रेसी, शहामतगंज चौकी पर हंगामा
अमृत विचार, बरेली। जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी पूर्व वित्तमंत्री के आवास पर जाने को निकले तो पुलिस ने पहले श्यामगंज पुल के नीचे रोका। यहां कुछ देर तक हंगामा हुआ। नारेबाजी के बीच धक्का-मुक्की हुई। बुधवार दोपहर में जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी हाथों में झंडे और थाली …
अमृत विचार, बरेली। जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी पूर्व वित्तमंत्री के आवास पर जाने को निकले तो पुलिस ने पहले श्यामगंज पुल के नीचे रोका। यहां कुछ देर तक हंगामा हुआ। नारेबाजी के बीच धक्का-मुक्की हुई। बुधवार दोपहर में जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी हाथों में झंडे और थाली बजाते हुये अपने कार्यालय से पूर्व वित्तमंत्री एवं विधायक राजेश अग्रवाल के आवास पर ज्ञापन देने के लिए निकले। शहामतगंज चौकी पर कांग्रेसियों की पुलिस से काफी नोकझोंक हुई।
कालीबाड़ी की तरफ नहीं जाने देने पर नारेबाजी करते हुए कांग्रेसी सड़क पर बैठ गये। अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम रोहित कुमार यादव और शहामतगंज चौकी प्रभारी राजेंद्र कुमार सिरोही ने कांग्रेसियों को समझाकर उठाया। जिलाध्यक्ष ने अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान कांग्रेसजनों को संबोधित करते हुए जिला प्रवक्ता राज शर्मा ने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। किसान इनकी नीतियों के चलते सड़क पर आंदोलन को मजबूर हुए हैं। जिला उपाध्यक्ष दिनेश दद्दा, जिला महासचिव जिया उर रहमान, हाजी इस्लाम बब्बू, जुनैद हसन एडवोकेट, डा. मेहंदी हसन, वसीम अकरम, साहिब सिंह, पाकीजा खान, कुमकुम शर्मा, प्रकाश चन्द्र, दिलीप गंगवार आदि कांग्रेसी मौजूद रहे। इसके बाद पुलिस ने चौकी से उन्हें वापस भेज दिया। पुलिस कांग्रेसियों को उनके कार्यालय तक छोड़कर आई।
अन्नदाता 30 दिन से दिल्ली बार्डर पर बैठे, सरकार नहीं सुन रही : शुक्ला
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय शुक्ला के नेतृत्व में बुधवार को कांग्रेसी केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के कोहाड़ापीर स्थित भारत सेवा ट्रस्ट कार्यालय पहुंचे और उन्होंने केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि सतीश रोहतगी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपकर मोदी सरकार से किसानों के हित में निर्णय लेने की मांग की। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर किसान आंदोलन के समर्थन में एवं कृषि संबंधी तीनों काले कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर कांग्रेसी ताली-थाली बजाते हुए केंद्रीय मंत्री के कार्यालय पहुंचे।
महानगर अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार देश की आत्मा ‘खेती-किसानी’ को कुछ पसंदीदा सूटबूट पहनने वाले उद्योगपतियों के हाथों में सौंपकर देश की शान किसानों को गुलाम बनाना चाहती है। अन्नदाता 30 दिनों से दिल्ली सीमा पर सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर बैठे हैं लेकिन केंद्र सरकार उनकी आवाज नहीं सुन रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल इन कानूनों को निरस्त करने की मांग की है।
एआईसीसी सदस्य प्रेम प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार तानाशाही करके अपने फैसले जनता पर थोपना चाहती है। अन्नदाताओं की आवाज सुन सरकार को काले कानून वापस लेने चाहिए। इस दौरान नवाब मुजाहिद हसन खां, उमेश आर्या, केके दीक्षित, योगेश जौहरी, संगीता कौशल, सुचित्रा सिंह, खालिद पहलवान, मुस्तफा, अब्दुल सत्तार, बिलाल कुरैशी, हाजी जुबैर, चारु मेहरोत्रा, विजय मौर्य आदि कांग्रेसी मौजूद रहे।
