उच्च शिक्षा को मिला बड़ा बजट बूस्टः राजकीय महाविद्यालयों को सरकार ने भेजे 7,938 करोड़ रुपये, वेतन से इंफ्रास्ट्रक्चर तक खर्च की पूरी व्यवस्था
73 महाविद्यालयों के लिए वित्तीय स्वीकृति, 31 मार्च 2027 तक खर्च करने के निर्देश
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा क्षेत्र को बड़ा वित्तीय संबल देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 73 राजकीय उपाधि महाविद्यालयों के लिए 7,938.89 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। यह धनराशि वेतन से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक पर खर्च की जाएगी।
उच्च शिक्षा के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत धनराशि निदेशक, उच्च शिक्षा के नियंत्रण में रहेगी। सबसे अधिक 4,456 करोड़ रुपये वेतन मद में दिए गए हैं, जबकि 2,896 करोड़ रुपये महंगाई भत्ते के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा बिजली, अनुरक्षण, चिकित्सा, कार्यालय व्यय और कंप्यूटर समेत अन्य आवश्यक मदों के लिए भी अलग-अलग बजट का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस राशि का उपयोग 31 मार्च 2027 तक अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। खर्च वित्तीय नियमों और शासनादेशों के अनुरूप ही किया जाएगा। शासनादेश में यह भी कहा गया है कि धनराशि का आहरण आवश्यकता के अनुसार हर माह किया जाएगा, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा न आए।
