Moradabad सड़कों के गड्ढे बने जानलेवा, बेहतर व्यवस्था का दावा कागजों तक सीमित

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Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। गड्ढामुक्त सड़कें केवल कागजों में हैं। हाईवे को छोड़ दिया जाए तो शहर की अंदरूनी अधिकांश सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं। वाहन इसमें हिचकोले खाते हुए गुजर रहे हैं। जिससे हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है। कई बार दोपहिया वाहन चालक असंतुलित होकर गिरने से चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन व्यवस्था बनाने वाले ध्यान नहीं दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री का गड्ढामुक्त सड़कों का आदेश जिले में दम तोड़ रहा है। हाईवे के अलावा कुछ प्रमुख सड़कों को छोड़ दिया जाए तो अंदरूनी यहां तक पॉश कॉलोनियों की सड़कें टूट कर गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। इसकी कार्यदायी संस्था नगर निगम, लोनिवि और एमडीएम व अन्य की ओर से सड़कों की मरम्मत के प्रति उदासीन हैं। आशियाना फेज एक, दो, के अलावा रामगंगा विहार, खुशहालपुर, बुद्धि विहार, रामगंगा विहार में हाईस्ट्रीट व साईं मंदिर वाली सड़कों में कई जगह गड्ढे हो गए हैं। 

इन सड़कों से होकर प्रतिदिन स्थानीय नागरिकों के अलावा आसपास जिलों के नागरिक भी गुजरते हैं। दोपहिया, चार पहिया, एंबुलेंस, स्कूली वाहन ही नहीं सरकारी विभागों के अधिकारियों की गाड़ियां गड्ढों में हिचकोले खाते हुए गुजरती हैं लेकिन फिर भी इसको ठीक कराने की पहल नहीं हो रही है। कई बार गड्ढों में वाहनों विशेषकर स्कूली बसें व वैन व एंबुलेंस के फंसने से जान पर बन आती है। नागरिक व संगठनों की आवाज भी अनसुनी की जा रही है।

मंगूपुरा में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, गंदगी से पटा गांव
संचारी रोगों की रोकथाम का अभियान दिखावा है। मंगूपुरा गांव में जगह-जगह कूड़ा का ढेर है और नालियों में कीचड़ भरा है और सड़क पर गंदा पानी बह रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के नाम पर निर्धारित एक रुपये प्रतिदिन की दर के बजाय 80 रुपये प्रति घर वसूले जा रहे हैं। पहले यह शुल्क 30 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 80 रुपये कर दिया गया। शुक्रवार को गांव में मुख्य मार्गों से लेकर गलियों में कूड़ा पसरा था। नाली का पानी सड़कों पर फैल रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि सफाई कर्मचारी कई दिनों तक गांव में नहीं आते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। गंदगी और जलभराव के कारण संचारी रोग फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। 

मंगूपुरा के ग्राम प्रधान प्रेमचंद ने बताया कि सफाई कर्मचारी सफाई कर्मचारी शीशपाल एवं रवि 8-10 दिन से नहीं आ रहे हैं। कहीं और लगे हैं। शिकायत की है लेकिन उसके बाद भी अभी नहीं आए हैं। इसरार ने बताया कि सफाई कर्मचारी तो कभी-कभी आते हैं। गंदगी ज्यादा होने पर मच्छर बढ़ गए हैं। जिससे बीमारी का खतरा बना हुआ है। शहजाद खान के मुताबिक कई दिनों से कोई सफाई कर्मचारी यहां पर नहीं आया है। नालियों का पानी सड़कों पर बह रहा है। सफाई व्यवस्था बिल्कुल ठप है।

 

 

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