प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में बढ़ रहा VRS ट्रेंड, IAS रजनीश चंद्र ने रिटायरमेंट से 8 महीने पहले मांगी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति
लखनऊ, अमृत विचार: रिंकू सिंह राही के इस्तीफा देने के बाद अब वर्ष 2014 बैच के आइएएस अधिकारी रजनीश चंद्र ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) मांगा है। वह मैजूदा समय में ग्राम्य विकास विभाग में विशेष सचिव हैं। स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने वीआरएस मांगा है। वैसे दिसंबर 2026 में ही उन्हें सेवानिवृत्त होना है।
नियुक्ति विभाग को भेजे गए पत्र के मुताबिक उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को हवाला देते हुए नौकरी कर पाने में असमर्थता जताई है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि उनका वीआरएस 30 अप्रैल से स्वीकार माना जाए। रजनीश चंद्र पीसीएस सेवा से आइएएस में आए हैं। उनका आइएएस अधिकारी में प्रमोशन 13 अक्टूबर 2021 को हुआ था। उन्होंने 30 अप्रैल 2026 से वीआरएस लागू करने का अनुरोध किया है।
वर्तमान में ग्रामीण विकास विभाग में विशेष सचिव पद पर तैनात रजनीश चंद्र इसी वर्ष दिसंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे, यानी उन्होंने रिटायरमेंट से करीब 8 महीने पहले ही वीआरएस की मांग की है। उन्होंने नियुक्ति विभाग को भेजे अपने पत्र में निजी कारणों के साथ-साथ स्वास्थ्य कारणों का भी हवाला देते हुए सेवा जारी रखने में असमर्थता जताई है।
जनीश चंद्र मूल रूप से पीसीएस अधिकारी रहे हैं और अक्टूबर 2021 में उन्हें पदोन्नति देकर आईएएस कैडर में शामिल किया गया था। इसके बाद उन्होंने समाज कल्याण विभाग समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई। हाल के समय में प्रदेश में अधिकारियों के वीआरएस और इस्तीफे के मामलों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
इससे पहले भी कई अधिकारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके हैं, जिससे ब्यूरोक्रेसी में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। अब उनके आवेदन पर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा। स्वीकृति मिलने तक वे अपने पद पर कार्यरत रहेंगे।
