कानपुर में अवैध प्लाटिंग पर केडीए का बुलडोजर, सड़क-नाला से लेकर एंट्री गेट तक ध्वस्त
कानपुर। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने अवैध एवं अनाधिकृत निर्माणों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को लगभग 48 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया, जबकि करीब 53 बीघा क्षेत्रफल में विकसित दो अन्य अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू की गई है। केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौषिक एवं सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में विशेष कार्याधिकारी प्रवर्तन (जोन-4) एवं उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
प्राधिकरण के अनुसार सकरापुर नर्वल स्थित मथुरापुर योजना के पीछे आराजी संख्या-109, 122 व अन्य भूखंडों पर विशाल, लल्लू एवं अन्य लोगों द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति और बिना अनुमति के लगभग 48 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। इसके विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करते हुए सड़क, नाला, बाउंड्रीवाल, बिजली के खंभे, पिलर, एंट्री गेट, सीवर लाइन तथा कई निर्मित एवं निर्माणाधीन भवनों को दो जेसीबी मशीनों के माध्यम से ध्वस्त कर दिया गया।
डॉ. रवि प्रताप सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान दो अन्य अवैध प्लाटिंग भी चिन्हित की गई हैं। इनमें मौजा रमईपुर स्थित आराजी संख्या-1557, 1530, 1539, 1540, 1541, 1544, 1546 एवं 1551 पर लगभग 18 बीघा क्षेत्रफल तथा इंदिरा नगर फेज-1, निकट उरियारा क्षेत्र में लगभग 35 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही प्लाटिंग के लिए स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया गया। इन मामलों में नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होने पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। केडीए प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्लाटिंग या भूमि की खरीद से पहले कानपुर विकास प्राधिकरण से ले-आउट एवं मानचित्र की स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। साथ ही स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कार्य कराएं, ताकि भविष्य में आर्थिक और मानसिक क्षति से बचा जा सके।
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