UP: आमने-सामने बाइकों की भिड़ंत में तीन की मौत, एक घायल
बिजुआ/भानपुर। लखीमपुर-भीरा राज्यमार्ग पर सोमवार देर रात हुआ भीषण सड़क हादसा तीन परिवारों के लिए जिंदगी भर का जख्म बन गया। मूसेपुर स्थित पीके इंटर कॉलेज के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक किशोर समेत तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। वह जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
थाना भीरा क्षेत्र के ग्राम राड़ा देवरिया निवासी तौहीद (20) पुत्र मुजिम और अरबाज (14) पुत्र मुबारिक एक ही बाइक से गुलरिया चीनी मिल जा रहे थे, जहां उनका एक परिजन काम करता है। दोनों युवक रात के समय खाना लेकर उसे देने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक की रफ्तार काफी तेज थी और सड़क पर पर्याप्त रोशनी भी नहीं थी।
उधर, तिखड़ा गांव निवासी अमरीश (20) पुत्र बालकराम और पवन (30) पुत्र श्रीपाल दूसरी बाइक से अपने गांव की ओर लौट रहे थे। जैसे ही दोनों बाइकें मूसेपुर के पास पीके इंटर कॉलेज के सामने पहुंचीं, अचानक आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और चारों युवक सड़क पर दूर तक जा गिरे। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। मौके पर चीख-पुकार मच गई।
कुछ ग्रामीण तुरंत दौड़कर पहुंचे और घायलों को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर लिटाया। इसी बीच किसी ने पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस के जरिए बिजुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने अमरीश, तौहीद और अरबाज को मृत घोषित कर दिया। वहीं पवन की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही तीनों मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। परिजन बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे, जहां शवों को देखकर चीख-पुकार मच गई। किशोर अरबाज की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि वह पढ़ाई में अच्छा था और परिवार की उम्मीदों का सहारा था।
तौहीद और अमरीश भी अपने-अपने परिवारों के कमाऊ सदस्य थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है। गांवों में देर रात तक शोक का माहौल बना रहा और लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाते नजर आए। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर तीनों शव परिवार वालों को सौंप दिएहैं। थानाध्यक्ष ने राहुल दुबे ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही प्रतीत हो रही है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
शादी से 18 दिन पहले बुझ गया घर का चिराग
पड़रिया के तिखड़ा गांव निवासी अमरीश की शादी 26 अप्रैल को तय थी। घर में जोर-शोर से तैयारियां चल रही थीं। मां अपने छोटे बेटे की शादी को लेकर बेहद उत्साहित थीं और खुद रिश्तेदारों व परिचितों को निमंत्रण दे रही थीं। परिवार में यह आखिरी शादी थी, इसलिए खुशियां दोगुनी थीं। बताया जाता है कि अमरीश अपनी शादी के निमंत्रण कार्ड बांटकर वापस घर लौट रहा था, तभी रास्ते में अचानक हुए एक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। एक पल में खुशियों से भरा परिवार गहरे सदमे में डूब गया। परिजनों के अनुसार, अमरीश दो भाइयों में सबसे छोटा और पूरे संयुक्त परिवार का लाडला था। उसकी शादी को लेकर परिवार में उत्साह था। लेकिन हादसे ने सभी सपनों को चकनाचूर कर दिया। घर के अंदर मां बेसुध होकर रो रही हैं, जबकि बाहर खड़े ग्रामीण खामोशी से एक-दूसरे को ढांढस बंधा रहे हैं। हर आंख नम है और हर जुबान पर एक ही बात थी कि जिस बेटे की बारात निकलनी थी, आज उसी के लिए लोग कंधा देने को मजबूर हैं। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जहां कुछ दिनों बाद शहनाई बजनी थी, वहां अब मातम का माहौल है।
