विधानसभा चुनाव : असम, केरल और पुडुचेरी में थमा प्रचार का शोर, 9 अप्रैल को मतदान
नई दिल्ली। असम, केरल और केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की विधानसभाओं के नौ अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए प्रचार मंगलवार शाम थम गया। असम में 126, केरल में 140 और पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए गुरुवार को एक ही चरण में मतदान होगा। इन राज्यों में 23 मार्च तक नामांकन पत्र भरे गये थे, 24 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की गयी थी और नाम वापसी 26 मार्च तक थी।
चुनाव आयोग के दिशानिर्देश के अनुसार रैली, रोड शो प्रदर्शन अब नहीं किये जा सकेंगे। दूरदर्शन, रेडियो और सिनेमा हाल में भी राजनीतिक प्रचार पर रोक रहेगी। असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा के नेतृत्व में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी जहां एक और कार्यकाल के लिए जहां एड़ी चोटी का जोर लगाये है, वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी दल सत्तारूढ़ भाजपा को कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।
केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा के बीच परम्परागत मुकाबला है। सत्तारूढ़ वाम मोर्चा जहां लगातार तीसरी बार सत्ता में बन रहने के लिए पूरा जोर लगा रहा है, वहीं लोकतांत्रिक मोर्चा सत्ता पाने के लिए पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरा हुआ है।
पुडुचेरी में सभी सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस केन्द्र शासित प्रदेश में कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ मोर्चा को चुनौती दे रहा है। क्षेत्रीय दल भी यहां अपनी ताकत झोंक दे रहे हैं, जिससे कई सीटों पर नतीजे प्रभावित हो सकते हैं।
राज्य स्तरीय नेताओं के साथ-साथ केन्द्रीय नेताओं में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने-अपने दलों के प्रत्याशियों के पक्ष में इन चुनावों में जोरदार प्रचार करके वोट मांगे हैं। इन विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना का कार्य 4 मई को होगा।
