मिशन 2027 : यूपी भाजपा में बड़े बदलाव को लेकर दिल्ली में मंथन, नए चेहरों और जमीनी कार्यकर्ताओं पर दांव

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Published By Anjali Singh
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-संगठन में नए चेहरों और जमीनी कार्यकर्ताओं पर दांव, फिर 22 को होगी बैठक -नितिन नबीन और बीएल संतोष के साथ पंकज चौधरी और धर्मपाल की हुई बैठक

लखनऊ, अमृत विचार: उप्र. विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़े फेरबदल की तैयारी तेज कर दी है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल जोशी के साथ प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की बैठक में संगठन में जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं और नए चेहरों को प्रमुख जिम्मेदारियां देने की रणनीति पर मंथन हुआ। हालांकि संगठनात्मक नियुक्तियों की अंतिम सूची पर अब 22 मई को होने वाली अगली बैठक में मुहर लग सकती है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बुधवार को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की। करीब सवा दो घंटे चली बैठक में उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम और 2027 के चुनावी रोडमैप पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, संगठन में व्यापक बदलाव की तैयारी है और इस बार सिफारिशों से ज्यादा ग्राउंड परफॉर्मेंस को महत्व दिए जाने का संकेत दिया गया है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, सरकार में हाल में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद संगठन में भी नई नियुक्तियों की जमीन तैयार हो गई है। कई नेताओं के सरकार में जाने से संगठन में खाली होने वाले पदों पर नए चेहरों को मौका मिल सकता है। इसके साथ ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन में भी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को जगह मिलने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, नई प्रदेश इकाई में करीब 60 प्रतिशत ऐसे कार्यकर्ताओं को स्थान मिल सकता है, जो लंबे समय से संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। क्षेत्रीय प्रभाव वाले नेताओं और बूथ स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की रणनीति बनाई जा रही है। भाजपा नेतृत्व यह भी चाहता है कि 2027 के चुनाव में पार्टी नई ऊर्जा और नए चेहरों के साथ मैदान में उतरे। इसी कारण संगठनात्मक अनुभव और जनाधार दोनों को बराबर महत्व दिया जा रहा है।

जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर रहेगा फोकस

भाजपा की रणनीति केवल संगठनात्मक बदलाव तक सीमित नहीं है। पार्टी 2027 के चुनाव से पहले सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर भी जोर दे रही है। नई टीम में ओबीसी, एससी-एसटी और महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की तैयारी है। पार्टी का मानना है कि हाल के चुनावों में सामाजिक समीकरणों की भूमिका और बढ़ी है, इसलिए संगठन में भी उसी अनुरूप संतुलन बनाना जरूरी है।

22 मई की बैठक पर टिकी निगाहें

दिल्ली में हुई पहली बैठक के बाद अब 22 मई को एक और अहम बैठक प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह फिर केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में संभावित नामों पर अंतिम चर्चा हो सकती है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा की नई प्रदेश टीम की सूची कभी भी जारी हो सकती है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। संगठन में बदलाव को लेकर दावेदारी और समीकरणों का दौर भी शुरू हो गया है।

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