Bareilly: आतंकवादियों से कनेक्शन बताया, फिर एटीएस अधिकार बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, बेटे ने लुटने से बचाया
बरेली, अमृत विचार। साइबर अपराधियों के जंजाल में फंसे बरेली के सक्सेना दंपती को उनके 13 साल के बेटे ने बर्बाद होने से बचा लिया। कक्षा 8 में पढ़ने वाले छात्र तन्मय ने न सिर्फ 10 घंटे से डिजिटल अरेस्ट मम्मी-पापा को मुक्त कराया, बल्कि खुद को एटीएस अफसर बताकर और पुणे कोर्ट का फर्जी वारंट भेजकर आतंकित कर रहे क्रिमिनल की बातचीत भी रिकार्डिंग कर ली। पता होते ही पुलिस ने लेडी टीचर व उसके पति के बैंक अकाउंट फ्रीज कर पैसे की निकासी रुकवाकर लाखों का साइबर फ्रॉड नहीं होने दिया।
मासूम तन्मय बरेली में थाना सुरखा बानखाना की रहने वाली प्राइवेट टीचर रोशी सक्सेना का बेटा है और रामपुर गार्डन स्थित शांति इंटर कॉलेज का छात्र है। पुलिस के अनुसार, टीचर के पति संजय सक्सेना के मोबाइलद पर सोमवार को दिन के तीन 3 बजे अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आई थी। खुद को एटीएस बताकर कॉल करने वाले ने उनसे कहा कि जांच में आपके परिवार का आतंकी कनेक्शन मिला है। पुणे, महाराष्ट्र के कोर्ट का फर्जी वारंट भी भेजा और धमकाकर डिजिटल अरेस्ट करते हुए बैंक खाते की डिटेल हासिल कर लीं। संजय-रोशी का बेटा तन्मय अखबारों में सायबर फ्रॉड की खबरें पढ़ता रहता था। उसके कॉलेज टीचर ने भी इस बारे में जागरुक कर रखा था।
परिवार को को साइबर ठगों के चुंगल में फंसा देख होशियार तन्मय ने घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। साथ मम्मी-पापा को भी सचेत कर दिया। इसके बाद पड़ोसियों को मामले की जानकारी देकर पुलिस की मदद ली गई। पता होते ही थाना प्रेमनगर पुलिस हरकत में आ गई और विभाग के साइबर सेल की सहायता से सक्सेना दंपती के अकाउंट फ्रीज करा दिए। पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आधी रात को दंपती डिजिटल साए से बाहर किए गए और उनके खाते में जमा 6 लाख रुपये सुरक्षित बच गए। परिवार को साइबर फ्रॉड से बचाने वाले मासूम तन्मय की पुलिस के साथ पूरा समाज पीठ थपथपा रहा है।
पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम
एसएसपी अनुराग आर्या त्वरित एक्शन लेते हुए सक्सेना दंपती को सायबर अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराने और कुछ ही मिनट में उनके बैंक अकाउंट फ्रीज कराने वाले थाना प्रेमनगर इंस्पेक्टर सुरेन्द्र कुमार, एसआई अक्षय त्यागी के साथ पूरी टीम को शाबासी दी है। साथ ही 10 हजार रुपये का इनाम भी देने की घोषणा की है। एसएसपी ने कहा है कि साइबर फ्रॉड से बचने को इस तरह का मामला सामने आते ही तुरंत डायल 112 या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर पुलिस की मदद लेनी चाहिए।
