हरदोई में गरमाई सियासत : मूर्ति पूजा पर भाजपा विधायक ने दिया विवादित बयान, योगी और मोदी को बताया "भगवान"

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Published By Deepak Mishra
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हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बाबा भीम राव आंबेडकर की जयंती पर एकीकृत पासी समाज के महासम्मेलन में दलित समाज से ताल्लुक रखने वाले वाले भाजपा विधायक का मूर्ति पूजा पर विवादित बयान आया है जिसने सियासत को गरमा दिया है। भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने मंच से योगी और मोदी को "भगवान" बताया, लेकिन साथ ही पत्थरों की पूजा को लेकर ऐसा बयान दे दिया जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है। 

उन्होंने कहा, " हम तो जिंदा आदमी को भगवान मानते हैं और हमारे योगी जी और मोदी जी निश्चित ही एक भगवान के रूप में, अगर हम उनको मान रहे हैं तो कोई बुराई नहीं है, क्योंकि वो हमको कुछ दे सकते हैं, उनमें हमको कुछ देने की क्षमता है। पत्थरों के आगे गिड़गिड़ाओगे, वो आपको कुछ देने वाले नहीं हैं।" 

एकीकृत पासी समाज के इस सम्मलेन का आयोजन दलित बिरादरी के भाजपा सांसद अशोक रावत और जय प्रकाश रावत ने किया था जबकि केंद्रीय ग्रामीण विकास राजयमंत्री कमलेश पासवान इस सम्मलेन के मुख्य अतिथि थे। विधायक के ब्यान के बाद सवाल ये खड़ा हुआ है की क्या ये आस्था पर चोट है या अंधविश्वास के खिलाफ बयान। हालांकि बाद में विधायक ने इस बयान पर सफाई भी दी। हरदोई के गांधी मैदान में दलित बिरादरी के भाजपा सांसद अशोक रावत और जय प्रकाश रावत द्वारा आयोजित एकीकृत पासी समाज के इस सम्मलेन के मुख्य अतिथि केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान थे। 

इसी सम्मलेन में मंच से गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने मूर्ति पूजा पर विवादित बयान देते हुए कहा, " जब हमको कहीं अपनी स्थापना ही करनी है, कहीं महत्व ही करना है, तो हम क्यों न आज के भगवानों के साथ हो जाएं। हम तो जिंदा आदमी को भगवान मानते हैं और हमारे योगी जी और मोदी जी निश्चित ही एक भगवान के रूप में, अगर हम उनको मान रहे हैं तो कोई बुराई नहीं है, क्योंकि वो हमको कुछ दे सकते हैं, उनमें हमको कुछ देने की क्षमता है। पत्थरों के आगे गिड़गिड़ाओगे, वो आपको कुछ देने वाले नहीं हैं। इसलिए साथियों, ढोंग-पाखंडवाद सब छोड़कर अपने परिवार को, अपने समाज को एकत्रित करिये।" 

भाजपा विधायक श्याम प्रकाश के मूर्ति पूजा पर दिए गए बयान को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने सफाई भी दी। उन्होने कहा कि उनका इशारा किसी विशेष मूर्ति या प्राण प्रतिष्ठा की ओर नहीं था, बल्कि अंधविश्वास के खिलाफ था। श्याम प्रकाश ने कहा मैं उन पत्थरों की बात कर रहा हूँ जिन्हें लोग अंधविश्वास में पूजते हैं समाज को शिक्षा की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा उनका व्यक्तिगत विषय है, और उनका बयान भी व्यक्तिगत मत है। 

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