रायबरेली : फर्जी दस्तावेजों से पर्सनल लोन दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली शहर कोतवाली क्षेत्र में बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए पर्सनल लोन दिलाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने गुरुवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो फर्जी सैलरी स्लिप, नियुक्ति पत्र और आधार कार्ड में हेरफेर कर बैंक से लोन दिलवाता था। उन्होंने बताया कि गिरोह ने करीब 48 खातों के माध्यम से लाखों रुपये के लोन हासिल किए। मामले की शुरुआत बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा में संदिग्ध खातों की जांच के दौरान हुई, जहां फर्जी तरीके से लोन लेने का खुलासा हुआ।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लोगों के नाम पर खाते खुलवाकर उनमें फर्जी नौकरी दर्शाई, नकली सैलरी स्लिप तैयार की और आधार कार्ड में पता बदलकर बैंक से पर्सनल लोन पास कराया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह खाताधारकों को तैयार कर उनके दस्तावेजों में हेरफेर करता था और बैंक में लेनदेन दिखाकर लोन स्वीकृत कराता था। इसी तरह एक दंपति के नाम पर ही करीब 38.90 लाख रुपये का लोन लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश सिंह (उन्नाव), बल्लू राठौर (सीतापुर), गोपाल सिंह (लखनऊ), राधिका देवी (लखनऊ) और कामिनी राठौर (सीतापुर) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह विभिन्न जिलों में सक्रिय था और आपसी मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा संचालित कर रहा था। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले में बैंक कर्मियों की संभावित भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

उन्होंने बताया कि जांच जारी है और आगे के तथ्यों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। 

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