छात्रों के शैक्षणिक और समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं शिक्षक- डीएम
डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा व अभ्युदय कोचिंग शुरू कराने के निर्देश
बाराबंकी, अमृत विचार। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने गुरुवार को तहसील नवाबगंज के तीरगांव स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय (आवासीय) का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, आवासीय एवं सुविधाओं की व्यवस्था की जांच करते हुए छात्रों और शिक्षकों से संवाद स्थापित किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्रों से सीधे बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने छात्रों को लक्ष्य निर्धारित कर लगातार प्रयास करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक हैं।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे छात्रों के शैक्षणिक स्तर के साथ-साथ उनके समग्र विकास पर विशेष ध्यान दें। इसके लिए खेल, भाषण, वाद-विवाद और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक कक्षा में प्रतिदिन कम से कम दो छात्रों को किसी विषय पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनकी आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता में वृद्धि हो। डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु सभी छात्रों की ईमेल आईडी बनवाकर उन्हें व्यवहारिक रूप से उपयोग करने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने छात्रों से विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता पर फीडबैक लिया और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विद्यालय में ‘अभ्युदय कोचिंग’ प्रारंभ कराने के भी निर्देश दिए, ताकि छात्र-छात्राओं को भविष्य में बेहतर अवसर मिल सकें।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर और छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल, विद्युत एवं अन्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी नवाबगंज आनंद कुमार तिवारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
