Moradabad: वीरों की शौर्यगाथा के साक्षी बनेंगे बुद्धि विहार के चौराहे
मुरादाबाद, अमृत विचार। महानगर के बुद्धि विहार के कई चौराहों को अब नई पहचान मिल रही है। यह चौराहे वीरों की शौर्यगाथा के साक्षी बन रहे हैं। वीर अब्दुल हमीद, महाराणा प्रताप और राणा सांगा सहित कई अन्य वीरों की गाथाएं चौराहों और मुख्य सड़कों पर दर्शाई गई हैं।
बदलते मुरादाबाद की संकल्पना का साक्षी महानगर का दिल्ली रोड व बुद्धि विहार बन रहा है। पहले बुद्धि विहार कॉलोनी की आंतरिक सड़कें व चौराहे सूने व उपेक्षित थे। इनकी पहचान भी बिखरी थी। अब यह चौराहे तरक्की व विकास के प्रतीक के साथ वीरों की शौर्यगाथा के साक्षी बन रहे हैं। नगर निगम इन चौराहों का सौंदर्यीकरण करा रहा है। इसके बाद इनको नई पहचान मिलेगी।
बुद्धि विहार फेज दो में दो एकड़ भूमि पर नगर निगम ने 31 करोड़ रुपये की लागत से त्रिशूल रक्षा संग्रहालय वॉर मेमोरियल स्थापित किया है। इसमें देश की तीनों सेनाओं के शौर्य व प्रमुख युद्धों की प्रतीकात्मक कृतियों के साथ ही जल, थल, वायु सेना के अत्याधुनिक हथियारों के माडल भी संजोए गए हैं। इसका उद्घाटन बहुत जलद मुख्यमंत्री और रक्षामंत्री के हाथों होना प्रस्तावित है।
इसके साथ ही वॉर मेमोरियल के आसपास के सभी चौराहों को भी वीरों की शौर्यगाथा के रूप में पहचान दिलाई जा रही है। कई प्रमुख चौराहे पर वीर अब्दुल हमीद, रानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, राणा सांगा और कई अन्य वीर योद्धाओं के शौर्य की यादें दिलाने के लिए प्रतिमाएं तथा टैंक आदि स्थापित किए गए हैं।
नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने बताया कि देश की वीरगाथा के प्रतीक के रूप में चौराहों का सौंदर्यीकरण कराकर विकसित किया गया है। इन चौराहों का लोकार्पण भी जल्द प्रस्तावित है। इसके बाद इन चौराहों को नई पहचान मिल जाएगी। इससे स्थानीय नागरिकों को गौरव की अनुभूति होगी। साथ ही मुरादाबाद मंडल के सभी जिलों और बाहर से आने वालों के लिए यह दर्शनीय होगा।
