असम और केरल के मतदाता बधाई के पात्र, जानिए ऐसा क्यों बोली साध्वी निरंजन ज्योति

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार संगम नगरी पहुंचीं पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने असम, केरल और पांडिचेरी में गुरुवार को हुए मतदान को लेकर मतदाताओं और प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत एक प्रजातांत्रिक देश है, जहां जनता को अपने मन की सरकार चुनने का पूरा अधिकार है। जिन राज्यों में मतदान हुआ है, वहां की जनता ने लोकतंत्र में विश्वास करते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया है, इसके लिए वह बधाई की पात्र है। 

उन्होंने शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रशासन की भी सराहना की। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि भारत में आधी आबादी महिलाओं की है और देश में सदैव नारी का सम्मान रहा है। उन्होंने गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषी महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 

उन्होंने जीजाबाई का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, चाहे वह अंतरिक्ष यात्रा हो या विमान उड़ाना। उन्होंने 'नारी वंदन अधिनियम' का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वह 17वीं लोकसभा की सदस्य और केंद्रीय मंत्री थीं, तब यह विधेयक लाया गया था। अब 16, 17 और 18 अप्रैल को इस पर चर्चा होगी, जिसके बाद महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में संवैधानिक रूप से 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। 

उन्होंने कहा कि अब महिलाओं के लिए राजनीति में अवसर और अधिक बढ़ेंगे। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था, न्यायालय और संविधान पर विश्वास नहीं है। राजनीतिक दलों को जनता पर भरोसा करना चाहिए, क्योंकि अंतिम निर्णय जनता ही करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव से जुड़े लोगों को कैद किए जाने जैसी घटनाएं हुईं, जो लोकतंत्र के लिए उचित नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने चुनाव परिणामों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। 

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